Meta Kids Social Media Case: मेटा का $18B का समझौता, किशोरों के लिए 2 घंटे का डेली टाइम लिमिट लागू

Meta Kids Social Media Case: कैलिफोर्निया के ओकलैंड में चल रहे एक ऐतिहासिक मुकदमे के बीच सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक) ने बुधवार को अमेरिका के लगभग सभी राज्यों और क्षेत्रों के साथ लगभग 18 अरब डॉलर का समझौता कर लिया। यह समझौता बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभावों, लत पैदा करने वाले फीचर्स और गोपनीयता कानूनों के उल्लंघन के आरोपों को सुलझाता है।

इस समझौते के तहत मेटा 47 राज्यों, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया और कुछ अमेरिकी क्षेत्रों को अधिकतम करीब 17.1 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। टेक्सास के साथ अलग से लगभग 1 अरब डॉलर का समझौता मिलाकर कुल राशि करीब 18 अरब डॉलर पहुंच गई है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा बाल सुरक्षा संबंधित भुगतान माना जा रहा है। भुगतान 10 वर्षों में किश्तों में होगा। इसमें से लगभग 70 प्रतिशत (करीब 12.7 अरब डॉलर) निश्चित है, जबकि शेष 30 प्रतिशत (करीब 5.3 अरब डॉलर) तभी जारी होगा जब यूट्यूब और टिकटॉक भी समान सुरक्षा उपाय अपनाएं और समान राशि का भुगतान करें।

मेटा ने गलत काम स्वीकार नहीं किया
मेटा ने समझौते में किसी भी गलत काम या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी के मुख्य कानूनी अधिकारी ने कहा कि किशोरों को सुरक्षित अनुभव देने के लिए यह जरूरी है और वे माता-पिता तथा किशोरों के लिए सही कदम उठाना चाहते हैं। कंपनी का कहना है कि यह भुगतान युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा पहलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने इसे “उद्योग को साफ करने का बड़ा पल” बताया। कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल फिल वाइजर ने कहा कि समझौते में मिली राहत अदालत के आदेश से भी ज्यादा अर्थपूर्ण है।

प्लेटफॉर्म पर लागू होने वाले प्रमुख बदलाव
समझौते के तहत मेटा को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 13 से 17 वर्ष के उपयोगकर्ताओं के लिए कई सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे, जो कम से कम 10 वर्षों तक प्रभावी रहेंगे:

डिफॉल्ट रूप से दोनों ऐप्स मिलाकर रोजाना अधिकतम 2 घंटे का समय सीमा। इसे केवल माता-पिता की अनुमति से बढ़ाया जा सकता है।
रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप्स का इस्तेमाल बंद (नाइट ब्लॉक)।
स्कूल समय (आमतौर पर सुबह 8 से दोपहर 3 बजे) के दौरान पुश नोटिफिकेशन म्यूट।
लगातार 15 मिनट के इस्तेमाल के बाद ब्रेक के लिए प्रॉम्प्ट।
लाइक की संख्या छिपाना और कुछ कॉस्मेटिक/मेकअप फिल्टर अक्षम करना।
उम्र की पुष्टि के लिए मजबूत उपाय, ताकि कम उम्र के बच्चे अनुचित सामग्री तक न पहुंच सकें। ये बदलाव महीनों के भीतर लागू होने शुरू हो जाएंगे। मेटा ने कहा कि वह यूट्यूब और टिकटॉक को भी इसी तरह के मानक अपनाने का आह्वान करती है, क्योंकि किशोर कई ऐप्स पर आसानी से स्विच करते हैं।

मुकदमे की पृष्ठभूमि
यह मुकदमा मूल रूप से 2023 में 29 राज्यों द्वारा दायर किया गया था। बाद में और राज्य तथा क्षेत्र जुड़ गए। आरोप था कि मेटा जानबूझकर ऐसे फीचर्स डिजाइन करती है जो बच्चों में लत पैदा करते हैं, मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं (चिंता, अवसाद आदि) और बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी बिना माता-पिता की सहमति के एकत्र करती है (COPPA कानून का उल्लंघन)। आंतरिक दस्तावेजों में भी इंस्टाग्राम के बारे में कहा गया था कि किशोरों में “लत जैसी सोच” है। मुकदमे की सुनवाई 18 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसरी की गवाही चल रही थी और मार्क जुकरबर्ग की भी गवाही होने वाली थी। चार प्रमुख राज्य (कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी) करीब 200 अरब डॉलर तक की पेनल्टी मांग रहे थे। जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने समझौते को “अच्छा कदम” बताया और मंजूरी देने का संकेत दिया।

अन्य मुकदमे और प्रभाव
यह समझौता हजारों अन्य मुकदमों (स्कूल जिलों, व्यक्तियों आदि द्वारा) को प्रभावित कर सकता है। फ्लोरिडा और न्यू मैक्सिको जैसे कुछ राज्य अभी भी मुकदमा जारी रख सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के लिए टेम्पलेट बन सकता है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। मेटा के शेयर समझौते की खबर के बाद थोड़ा ऊपर रहे। कंपनी का कहना है कि यह राशि उसके कुछ महीनों के मुनाफे के बराबर है। यह समझौता सोशल मीडिया उद्योग में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव का संकेत है। अब देखना होगा कि यूट्यूब और टिकटॉक इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं और अदालत अंतिम मंजूरी कब देती है।

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