Antriksh Golf View-2: 3 महीने से गिर रहा प्लास्टर, निवासियों में डर; नोएडा प्राधिकरण ने दिए ऑडिट के आदेश

Antriksh Golf View-2: नोएडा, सेक्टर-78 स्थित अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 सोसायटी में प्लास्टर गिरने की समस्या तीन महीने बाद भी बनी हुई है। निवासियों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण के आदेश के बावजूद बिल्डर ने स्थायी मरम्मत नहीं कराई। इससे परिसर में हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। सोसायटी करीब 15 साल पुरानी है।

जून 2026 में प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा पार्किंग में खड़ी कार पर गिरा। उस समय पास से गुजर रहे एक जोड़े बाल-बाल बचे। इसके बाद निवासियों ने हेलमेट पहनकर प्रदर्शन किया। बच्चे साइकिल चलाते समय भी हेलमेट पहनने लगे। कुछ लोग खुले रास्तों की बजाय बेसमेंट के रास्ते इस्तेमाल करने लगे। जुलाई में भी कई जगह प्लास्टर गिरने की घटनाएं हुईं। निवासियों का कहना है कि घर से निकलते समय ऊपर देखकर चलना पड़ता है।

प्राधिकरण के प्लानिंग विभाग ने 18 जून को निरीक्षण किया। रिपोर्ट में कई टावरों की दीवारों से प्लास्टर उखड़ने, बालकनी स्लैब के नीचे बीम में लोहे की छड़ें और ईंट का काम खुला होने, बेसमेंट की बीम व छत में भी लोहे की छड़ें दिखने और जगह-जगह सीपेज व नमी का जिक्र था। कुछ जगहों पर खुली छड़ों को अस्थायी रूप से छिपाया गया पाया गया। प्राधिकरण ने इसे गंभीर माना और तीसरे पक्ष से स्ट्रक्चरल ऑडिट जरूरी बताया।

26 अगस्त 2026 को नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर कलरफुल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को पत्र लिखकर एक महीने के अंदर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का आदेश दिया। ऑडिट दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी, आईआईटी कानपुर, एमएनआईटी इलाहाबाद, बिट्स पिलानी, एएमयू अलीगढ़, एमएनआईटी जयपुर, सीबीआरआई रुड़की या आईआईटी दिल्ली जैसे पैनलबद्ध संस्थानों से कराना होगा। साथ ही नियमित मरम्मत दो महीने में पूरी करने को कहा गया। पत्र में चेतावनी दी गई कि समय सीमा में काम न हुआ और कोई हादसा हुआ तो पूरी जिम्मेदारी बिल्डर की होगी। लीज डीड के तहत कार्रवाई का भी जिक्र है। निवासी कुश सप्रू, विक्की गुप्ता और बृजेश शर्मा ने कहा कि तीन महीने से समस्या बनी हुई है। प्राधिकरण के आदेश के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकला। डर का माहौल है। बिल्डर पक्ष (रमेश अरोड़ा) का कहना है कि प्लास्टर गिरने का नोटिस मिलने की जानकारी नहीं है। अगर मिला है तो काम कराएंगे। उनके अनुसार सोसायटी में प्लास्टर नहीं गिर रहा।

यह सोसायटी लंबे समय से कई मुद्दों से जूझ रही है। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट 2022 में रद्द किया जा चुका है। पानी की कमी, पार्किंग विवाद, रखरखाव की शिकायतें और अन्य समस्याएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई हाईराइज सोसाइटियों में प्लास्टर गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में इसी तरह की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जिससे डर और बढ़ा है। निवासी अब प्राधिकरण के नए आदेश पर नजर रखे हुए हैं। वे मांग कर रहे हैं कि ऑडिट और मरम्मत जल्द हो, ताकि परिसर सुरक्षित बने। प्राधिकरण ने साफ कहा है कि समय पर काम न होने पर बिल्डर जिम्मेदार होगा।

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