नोएडा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। राजनीतिक दल जहां अपने स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं, वहीं चुनाव आयोग भी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चुनावी तैयारियों के बीच गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में तैनात पुलिस अधिकारियों को लेकर भी हलचल बढ़ने लगी है।
गौतमबुद्ध नगर जैसे महत्वपूर्ण जिले में पुलिस विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों का रिकॉर्ड अब महत्वपूर्ण हो सकता है। चर्चा है कि जिन अधिकारियों ने निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लिया है, उनकी तैनाती को लेकर आने वाले समय में शासन और चुनाव आयोग के स्तर से समीक्षा की जा सकती है।
IPS, PPS से लेकर इंस्पेक्टर और दरोगाओं तक पर नजर
चुनाव से पहले सामान्य तौर पर प्रशासन और पुलिस विभाग में अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य ऐसे अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से अलग करना होता है जो निर्धारित अवधि से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में IPS, PPS, इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती और उनके कार्यकाल को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है।
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में वर्तमान में विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारियों की सूची उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
चुनाव आयोग के निर्देश से पहले हो सकता है बड़ा फेरबदल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चुनाव आयोग की ओर से औपचारिक निर्देश आने से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस विभाग में तबादले कर देगी? पिछले कुछ समय से प्रदेश में पुलिस अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला जारी है। जुलाई 2026 में भी 125 डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिसमें गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में भी नई तैनाती हुई थी।
ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आने के साथ पुलिस महकमे में तबादलों का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है गौतमबुद्ध नगर?
गौतमबुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र आते हैं। जिले में औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र भी चुनावी और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में यहां पुलिस अधिकारियों की तैनाती को लेकर शासन और चुनाव आयोग की निगाह स्वाभाविक रूप से बनी रह सकती है।
कौन-कौन अधिकारी हट सकते हैं, अभी तस्वीर साफ नहीं
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि गौतमबुद्ध नगर से कितने IPS, PPS, इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर अधिकारियों का तबादला होगा। यह फैसला संबंधित अधिकारियों की तैनाती अवधि, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश और शासन स्तर पर होने वाली समीक्षा के आधार पर तय होगा।
यानी आने वाले महीनों में गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में बड़ा पुलिस फेरबदल देखने को मिल सकता है। अब निगाह इस बात पर है कि पहले शासन स्तर से तबादले होते हैं या चुनाव आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू होती है।
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