Kangana vs Baba Ramdev: अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत तथा योगगुरु बाबा रामदेव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दरअसल रामदेव ने कंगना की जेन-Z पर की गई टिप्पणी को “भ्रष्ट सोच” करार दिया था, जिस पर कंगना ने तीखा पलटवार किया है। बुधवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने बाबा रामदेव को उनकी निजी जिंदगी को लेकर कयास न लगाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि उनके बारे में जो भी बातें कही जा रही हैं, वे केवल अफवाहों और गपशप पर आधारित हैं। इसके साथ ही कंगना ने यह भी दावा किया कि उन्हें कभी झूठे या गलत दावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से फटकार नहीं मिली, जबकि अपने चरित्र को रामदेव से बेहतर बताते हुए उन्होंने किसी तरह की धोखाधड़ी से इनकार किया। गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने एक कार्यक्रम के दौरान कंगना के जेन-Z संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके बचपन, जवानी और अतीत की उपलब्धियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने युवाओं को “जनरेशन गटर” कहे जाने को सोच में खोट का संकेत बताया था और कंगना की पार्टी से भी इस पर ध्यान देने की अपील की थी।
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए कुछ युवतियों और प्रदर्शनकारियों को “जनरेशन गटर” कहा था। कंगना ने आरोप लगाया था कि ये लोग मिली हुई आजादी का दुरुपयोग कर रहे हैं, नशे को बढ़ावा दे रहे हैं और आर्थिक रूप से अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। उनकी इस टिप्पणी की ऑनलाइन जमकर आलोचना हुई थी। बाद में कंगना ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका बयान सभी प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं बल्कि कुछ खास लोगों और महिलाओं को लेकर था।
सुप्रीम कोर्ट वाला मामला क्या है
कंगना ने अपने जवाब में जिस सुप्रीम कोर्ट प्रकरण का जिक्र किया, वह 2024 का है। भ्रामक विज्ञापनों के मामले में पतंजलि द्वारा अदालत के पुराने आदेश की अवहेलना करने पर बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया था। बीमारियों को ठीक करने और आधुनिक चिकित्सा को नीचा दिखाने वाले विज्ञापनों पर रोक के आदेश के उल्लंघन को लेकर उनसे जवाब मांगा गया था, जिसके बाद रामदेव ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगी थी।

