Sugar Price Hike: नई दिल्ली, चीनी की कीमतों में पिछले एक महीने में करीब 10 फीसदी की रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। थोक और खुदरा दोनों बाजारों में दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले बाजार में सप्लाई बढ़ाने और जमाखोरी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी स्टॉक रखने की सीमा को घटाकर 15 दिन कर दिया है।
यह नया आदेश 1 सितंबर 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिन थोक उपभोक्ताओं का औसत मासिक उपयोग 10 मीट्रिक टन या उससे ज्यादा है, वे अब अपनी 15 दिन की जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। इसमें कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां, सॉफ्ट ड्रिंक निर्माता, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, मिठाई विक्रेता और अन्य संस्थागत खरीदार शामिल हैं। सरकारी संस्थानों और स्थानीय निकायों को इस पाबंदी से छूट दी गई है। आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जारी किया गया है।
पिछले महीने सरकार ने डीलरों के लिए पहले ही 30 दिन की स्टॉक सीमा और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग कैप लगाई थी (1 अगस्त से 30 नवंबर तक)। इसके बावजूद कीमतें नहीं रुकीं। अखिल भारतीय औसत एक्स-मिल कीमत अब 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है, जो एक साल पहले करीब 3,900 रुपये थी। खुदरा कीमत 18 अगस्त को 52.30 रुपये प्रति किलो रही, जो साल भर में 13 फीसदी की बढ़ोतरी है। कुछ बाजारों में थोक कीमतें 6,000 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा 58-65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
त्योहारों (गणेश चतुर्थी, दशहरा, दीवाली) के दौरान मिठाई, बिस्कुट और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। साथ ही अगले सीजन (अक्टूबर 2026 से शुरू) के लिए ओपनिंग स्टॉक अनुमानित मांग से कम रहने की आशंका है। कुछ अनुमानों के मुताबिक ओपनिंग स्टॉक 32-42 लाख टन के आसपास रह सकता है, जबकि घरेलू जरूरत करीब 50 लाख टन है। गन्ने की पैदावार पर मौसम की अनिश्चितता और एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के डायवर्जन ने भी सप्लाई पर दबाव बढ़ाया है।
सरकार के इस कदम की खबर आते ही शेयर बाजार में शुगर कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर में 13 से 18 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई और यह नया रिकॉर्ड हाई छू गया। द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी, बजाज हिंदुस्तान शुगर में 8-14 फीसदी, अवध शुगर एंड एनर्जी में 10 फीसदी से ज्यादा, बन्नारी अम्मन शुगर, जूआरी इंडस्ट्रीज, श्री रेणुका शुगर, धामपुर शुगर, उत्तम शुगर समेत कई शेयरों में 5 से 14 फीसदी तक की तेजी आई। निवेशकों का मानना है कि ऊंची कीमतों से मिलों के मार्जिन में सुधार होगा, भले ही स्टॉक लिमिट सख्त हो गई हो। सरकार का मकसद साफ है—जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगाम लगाकर बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को काबू में रखना। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारी सीजन में मांग और बढ़ने वाली है, इसलिए आगे भी सप्लाई संबंधी उपायों (संभवतः सीमित ड्यूटी-फ्री आयात) की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल शुगर शेयरों में मिठास बनी हुई है, लेकिन कीमतों पर नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।

