Jharkhand movement ends: रांची, झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी सुधार मंच के नेतृत्व में करीब 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। जेकेएलएम नेता देवेंद्र महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव और उनके पुतले फूंकने की 20 अगस्त की योजना रद्द कर दी है, क्योंकि राज्य सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें मान ली हैं।
क्या हुआ फैसला
सोमवार को राज्य सचिवालय में हुई लंबी कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेएसएससी-सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) द्वारा 2014 से अब तक करवाई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया। यह एक तरह से आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी मांग पूरी होना माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए सीआईडी जांच के आदेश दिए और परीक्षा सुधार के सुझाव देने के लिए एक समिति भी गठित की है।
जांच शुरू, अफसर से पूछताछ
सरकार द्वारा परीक्षा अनियमितताओं की सीआईडी जांच के आदेश के अगले ही दिन, मंगलवार को एजेंसी ने छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर झारखंड एसएससी सचिव सुधीर गुप्ता से कई घंटों तक पूछताछ की।
भूख हड़ताल भी खत्म
राहत की बात यह भी रही कि सरकार की घोषणा के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने सोमवार आधी रात के आसपास 16 दिनों की भूख हड़ताल खत्म की, जबकि प्रेम नायक और उम्मे हबीबा ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के सदस्यों के मुताबिक, कुल छह प्रदर्शनकारियों में से तीन ने अपना अनशन तोड़ा। मंच 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डेरा डाले हुआ था और सीबीआई जांच के साथ-साथ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा था। समूह लगातार सत्तारूढ़ जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन पर मांगों को लेकर निष्क्रियता का आरोप लगाता रहा।
आगे की रणनीति
भले ही घेराव की योजना टल गई हो, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। महतो ने साफ किया कि जब तक सरकार भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के दोबारा न होने की गारंटी नहीं देती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सुधारों की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाने और हर कदम के ऑडिट की मांग भी की है, साथ ही जल्द ही “दूसरे चरण” के आंदोलन का ऐलान करने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर, परीक्षा रद्द होने से पास हो चुके अभ्यर्थी नाराज हैं और भाजपा ने इस पूरे मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है।

