Noida Cyber Fraud: नोएडा। शेयर बाजार और ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए तीन अलग-अलग लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 24 लाख 94 हजार रुपये की ठगी कर ली। तीनों मामलों में पीड़ितों को पहले कम रकम निवेश कराकर मुनाफा दिखाया गया, फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम जमा करा ली गई। शनिवार को साइबर क्राइम थाने में तीनों मामलों में मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
केस 1: टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े, 8.64 लाख गंवाए
सेक्टर-26 निवासी नीतीश श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2025 में उन्हें टेलीग्राम पर एक अनजान मैसेज मिला था, जिसके जरिए उन्हें एक निवेश-संबंधी ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया, जिसके झांसे में आकर नीतीश ने अपने दो बैंक खातों से करीब 20 अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख 64 हजार 410 रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए। बाद में न तो निवेश की रकम वापस मिली और न ही वादा किया गया मुनाफा। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई।
केस 2: फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर 8.85 लाख की ठगी
सेक्टर-12 निवासी 30 वर्षीय आशीष कुमार के मुताबिक, जनवरी 2026 में एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें वॉट्सऐप पर संपर्क किया। कुछ दिनों की बातचीत के बाद आरोपी ने भरोसा जीतकर उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया, जहां शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफे की कहानियां साझा की जाती थीं। इसके बाद पीड़ित को “आईबीआईएन मैक्स” नाम का एक ऐप डाउनलोड कराया गया, जिसमें उनका निवेश और मुनाफा लगातार बढ़ता दिखाई देता था। इसी झांसे में आकर आशीष ने 21 जनवरी से 2 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में कुल 8 लाख 85 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तब उन्हें ठगी का पता चला। इस मामले में पीड़ित ने 8 मार्च को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
केस 3: वॉट्सऐप से टेलीग्राम तक, 7.44 लाख की चपत
गौर सिटी-2 स्थित महागुन मायवुड्स की एक 35 वर्षीय निवासी के अनुसार, सितंबर 2025 में एक अनजान नंबर से उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां से उन्हें आगे टेलीग्राम के एक ग्रुप में भेज दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने ट्रेडिंग से मुनाफा कमाने का लालच देकर एक वेबसाइट का लिंक भेजा। शुरुआत में सिर्फ पांच हजार रुपये जमा कराकर मुनाफा दिखाया गया, जिसके बाद पीड़िता को बड़ी रकम निवेश करने के लिए उकसाया गया। इस तरह उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 7 लाख 44 हजार 920 रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालनी चाही तो आरोपियों ने बैंक विवरण गलत बताकर टाल-मटोल शुरू कर दी, जबकि उनके मुताबिक दी गई जानकारी बिल्कुल सही थी। शक होने पर पीड़िता ने 26 अप्रैल को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढ़ रहा है निवेश ठगी का ट्रेंड
गौतमबुद्धनगर पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इसी तरह के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें रकम कुछ लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक की रही है। जुलाई 2026 में ग्रेटर नोएडा के एक फैक्ट्री मालिक से वॉट्सऐप के जरिए शेयर बाजार निवेश के नाम पर करीब 48.70 लाख रुपये ठगे जाने की खबर सामने आई थी, वहीं सेक्टर-21 जलवायु विहार में रहने वाले एक 73 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को खुद को जानी-मानी ब्रोकरेज कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 2.35 करोड़ रुपये तक की चपत लगाई गई थी। अगस्त की शुरुआत में ही तीन अन्य पीड़ितों से सोशल मीडिया, वॉट्सऐप, टेलीग्राम और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए कुल 1.38 करोड़ रुपये ठगे जाने का मामला भी दर्ज हुआ था। इन सभी मामलों में तरीका करीब-करीब एक जैसा रहा है पहले किसी अनजान नंबर से संपर्क, फिर ग्रुप में जोड़ना, शुरुआती छोटे मुनाफे से भरोसा जीतना और अंत में बड़ी रकम डुबो देना।
पुलिस की अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान वॉट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिलने वाली निवेश सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश केवल सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकारों और अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ही करें। असामान्य रूप से अधिक और तुरंत मुनाफे का दावा करने वाले किसी भी प्रस्ताव से सतर्क रहें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

