Uttarakhand Chamoli accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। मायापुर स्थित निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से टनल के अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। अब तक इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 मजदूर अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है।
कुल 22 मजदूर थे फंसे, 12 सुरक्षित निकाले गए
टनल में कुल 22 मजदूर फंसे थे। राहत की बात यह रही कि इनमें से 12 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि टनल से अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं। बाहर निकाले गए कुल 19 लोगों में से 12 घायल हैं।
घायलों और मृतकों में कई राज्यों के लोग शामिल
घायल मजदूरों में झारखंड के 6, छत्तीसगढ़ के 2 और पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार व पश्चिम बंगाल का एक-एक व्यक्ति शामिल है। वहीं मृतकों में उत्तर प्रदेश के 3, उत्तराखंड के 2 और छत्तीसगढ़ के 2 मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं।
टनल में पानी-मलबा भरने से रेस्क्यू में आ रही दिक्कत
अधिकारियों के मुताबिक टनल के अंदर पानी और मलबा भर जाने के कारण बचाव कार्य में लगातार बाधा आ रही है। इसके बावजूद NDRF, SDRF, ITBP और जिला प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हुई हैं।
CM धामी खुद टनल के अंदर पहुंचे, घायलों से की मुलाकात
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे और खुद टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। इसके बाद वे गोपेश्वर जिला अस्पताल गए, जहां उन्होंने घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश, मृतकों को 4-4 लाख की मदद
सीएम धामी ने हादसे की मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जांच में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
कैसे हुआ हादसा? शाम 7 बजे लैंडस्लाइड के साथ रिसा पानी
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा गुरुवार, 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे हुआ। पीपलकोटी के मायापुर में THDC की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव और भू-स्खलन हुआ, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। टनल के अंदर पानी और मलबा भर जाने के चलते फंसे मजदूरों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। रेस्क्यू अभियान में सेना और ITBP की टीमें भी शामिल कर ली गई हैं।
मौके पर तैनात हैं सैकड़ों बचावकर्मी
जिलाधिकारी गौरव कुमार पूरे बचाव अभियान की खुद निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर 22 पुलिसकर्मी, NDRF के 27, SDRF के 42, DRF के 4 और फायर सर्विस के 9 कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा सेना, ITBP, NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें भी गौचर और जोशीमठ से घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं।

