Brijbhushan sexual assault case: बृजभूषण सिंह बोले- संसद जरूर लौटूंगा, हुई चरित्र हत्या की कोशिश, प्रियंका गांधी को बरगलाया गया, यौन शोषण नहीं ‘गुड-बैड टच’ का था मामला 

Brijbhushan sexual assault case:  अयोध्या से गोंडा तक रोड शो, साथ चला 1000 गाड़ियों का काफिला; बरी होने के बाद पहली बार बृजभूषण का शक्ति प्रदर्शन,  यूपी में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को अयोध्या में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में कोर्ट से बरी होने के बाद वे पहली बार अयोध्या पहुंचे और खुली जीप में खड़े होकर अयोध्या से गोंडा तक रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ करीब 1000 कार और बाइकों का काफिला चला। 50 किलोमीटर लंबे रास्ते में समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए और ‘शेर आया… शेर आया’ के नारे लगाए। उनके विधायक बेटे प्रतीक ने भी इस दौरान गदा लहराई। इस मौके पर बृजभूषण सिंह ने महिला पहलवानों के आरोप, साजिश और सियासत को लेकर मीडिया से खुलकर बातचीत की।

‘गुड टच-बैड टच के मामले को बना दिया आंदोलन’

बृजभूषण ने कहा कि गुड टच-बैड टच जैसे मामले को बड़ा आंदोलन बना दिया गया, जिसके पोस्टर कनाडा और अमेरिका तक लग गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे। उनके अनुसार भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने प्रियंका गांधी को बरगलाया, जिसके बाद वे इस आंदोलन में शामिल हुईं। हालांकि उन्होंने कहा कि अब सब कुछ ठीक है और जिस संसद में उन्हें घुसने से रोका गया था, अब वे उसी संसद में लौटकर जाएंगे।

कोर्ट के फैसले पर बोले- मैंने सिर्फ माला पहनाई, गले लगाया

कोर्ट से बरी होने के सवाल पर बृजभूषण ने कहा कि यह पूरा मामला गुड टच-बैड टच का था। उन्होंने बताया कि उन्होंने खिलाड़ियों को माला या मेडल पहनाया और जीत पर गले लगाया, जिसे बाद में असहज बताया गया। उनके मुताबिक इस मामूली घटना को इतना बड़ा रूप दे दिया गया कि कनाडा-अमेरिका तक उनके खिलाफ पोस्टर वॉर और कैंडल मार्च हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी, किसान नेता और यहां तक कि कनाडा में बैठे खालिस्तानी तत्व भी इस आंदोलन से जुड़ गए और इसे जातीय-क्षेत्रीय रंग दिया गया।

साजिश पर बोले- हुड्डा बंधुओं की रही प्रमुख भूमिका

साजिश के पीछे किसका हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कुछ चेहरे सामने थे और कुछ पर्दे के पीछे। उन्होंने सबसे प्रमुख भूमिका भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा की बताई और दावा किया कि इन्होंने ही प्रियंका गांधी को बरगलाकर आंदोलन से जोड़ा। साथ ही बड़े वकीलों, पूंजीपतियों और विपक्ष के बड़े हिस्से के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया।

‘राजनीति नहीं, चरित्र हत्या की कोशिश हुई’

राजनीति और कुश्ती छीनने की कोशिश के सवाल पर बृजभूषण ने कहा कि इससे भी बड़ा प्रयास उनके चरित्र को खत्म करने का था। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की चरित्र हत्या सबसे बड़ा पाप है और चूंकि आरोप लगाने वाली खिलाड़ी विश्व व ओलंपिक स्तर की थीं, इसलिए दुनियाभर में गलत संदेश गया। हालांकि उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद अब सच्चाई सामने आ चुकी है।

‘संसद में वापसी तय है’

राजनीति और कुश्ती में सक्रिय वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे कभी गए ही नहीं थे। उन्होंने दोहराया कि जिस संसद में उन्हें आने से रोकने की कोशिश हुई थी, वहां वे जरूर लौटेंगे और उन्हें अपनी वापसी पर पूरा भरोसा है।

अयोध्या के समर्थन पर बोले- यह 50 साल की तपस्या का नतीजा

अयोध्या में मिले जबरदस्त समर्थन को उन्होंने अपनी करीब 50 साल की सामाजिक-राजनीतिक तपस्या का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 17-18 साल की उम्र से ही वे जनसमस्याओं के लिए लोगों के बीच सक्रिय रहे हैं, और यही उनके लंबे जुड़ाव का नतीजा है।

महिला कानूनों के दुरुपयोग पर भी दिया बयान

मंच पर संतों द्वारा महिला कानूनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाए जाने पर बृजभूषण ने कहा कि महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा के लिए कानून जरूरी हैं, लेकिन दुरुपयोग पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पर किसी आंदोलन की योजना नहीं है।

विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्षी आंदोलनों पर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने पिछले 10 साल में अपने बैनर तले कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया और सिर्फ दूसरों के आंदोलनों में शामिल होकर लोगों को बरगलाती है, चाहे वह किसान आंदोलन हो, पहलवानों का मामला हो या हालिया आंदोलन।

केस की पूरी टाइमलाइन

18 जनवरी 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाकर प्रदर्शन शुरू किया।

23 जनवरी: मैरी कॉम की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी, रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई।

23 अप्रैल: पहलवानों ने दोबारा जंतर-मंतर पर धरना देकर FIR और गिरफ्तारी की मांग की।

25 अप्रैल: महिला पहलवान सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।

28 अप्रैल: दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं — एक POCSO और दूसरी 6 महिला पहलवानों की शिकायत पर।

28 मई: पहलवानों ने नए संसद भवन की ओर मार्च किया, पुलिस से टकराव हुआ।

30 मई: पहलवान हरिद्वार पहुंचे, मेडल गंगा में विसर्जित करने का ऐलान किया, बाद में फैसला टाला।

15 जून: दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की; नाबालिग पहलवान के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दी।

20 जुलाई: कोर्ट ने बृजभूषण और विनोद तोमर को नियमित जमानत दी।

10 मई 2024: कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय कर ट्रायल की मंजूरी दी।

26 मई 2025: कोर्ट ने POCSO मामले में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की।

2 जुलाई 2026: दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।

3 अगस्त 2026: कोर्ट ने बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी कर दिया।

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