Noida Sector-105: नोएडा, शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और अपराध-मुक्त बनाने की कोशिशों के बीच कुछ गैर-जिम्मेदार पेट ओनर्स की हरकतें जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने सार्वजनिक पार्कों और सड़कों पर पिटबुल, जर्मन शेफर्ड जैसी खतरनाक नस्लों के कुत्तों को बिना मजल (मुंह का पट्टा) घुमाने और दूसरों के घरों के सामने गंदगी करवाने वाले लोगों पर करारा हमला बोला है।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि कुछ लोग अपने घरों को साफ रखते हैं, लेकिन अपने पालतू कुत्तों से दूसरों के दरवाजे और मुख्य गेट के सामने गंदगी करवाते हैं। यह न सिर्फ असभ्यता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है। अखबारों में रोज खूंखार कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों पर हमले की खबरें आ रही हैं, फिर भी ये लोग नियमों को ताक पर रखकर खतरनाक कुत्तों को पार्कों में ले जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर खुले में खाना परोसने से आवारा कुत्तों का जमावड़ा बढ़ता है और फिसलन से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जब कोई जागरूक नागरिक इस अराजकता पर टोकता है तो बहसबाजी शुरू हो जाती है, जिससे इलाके की शांति भंग होती है। अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा, “अपनी ईगो और गंदगी को अपने घर के ड्राइंग रूम तक सीमित रखें। सार्वजनिक सड़कों और दूसरों के घरों को अपनी बदतमीजी का अखाड़ा न बनाएं। कानून और जनसुरक्षा से बढ़कर किसी का स्टेटस सिंबल नहीं हो सकता।”
आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 ने नोएडा पुलिस कमिश्नरेट से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार पेट ओनर्स पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। साथ ही नोएडा प्राधिकरण से अनुरोध किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाए और खतरनाक व प्रतिबंधित नस्लों के कुत्तों के सार्वजनिक पार्कों व संकरे रास्तों में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 ने प्रशासन से जनहित में जल्द सख्त कदम उठाने की अपील की है।

