दादरी। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच दादरी में आयोजित भाजपा की ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प जनसभा’ राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में रही। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चैधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन अध्यक्ष नवाब सिंह नागर कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में रहे। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व द्वारा हाल के महीनों में संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों को तेज करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
जनसभा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि मंच पर भाजपा के पुराने नेताओं और पूर्व पदाधिकारियों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया। पूर्व जिला अध्यक्ष योगेन्द्र चैधरी, जुगराज चैहान, मनोज गुप्ता, हरिशचंद भाटी, रकम सिंह भाटी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गांवों से उमड़ी भीड़, क्षेत्रीय राजनीतिक संदेश
जनसभा का आयोजन दादरी क्षेत्र में ऐसे स्थान पर किया गया, जहां आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न गांवों से कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार तक सीमित नहीं था, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन की सक्रियता और सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।
गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी पर भी रही चर्चा
राजनीतिक गलियारों में इस जनसभा को गुर्जर समाज की भाजपा के भीतर सक्रिय भूमिका और संगठनात्मक उपस्थिति के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। क्षेत्र में सुरेंद्र सिंह नागर और नवाब सिंह नागर की सामाजिक एवं राजनीतिक पकड़ को देखते हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत करने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चैधरी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, संगठन की मजबूती तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क अभियान को और तेज करने तथा सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। दादरी की यह जनसभा अब स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसे कार्यक्रमों के जरिए भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

