Noida Sector 122 accident: नोएडा, शहर के सेक्टर-122 की ग्रीन बेल्ट में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। नोएडा प्राधिकरण के पंप की खुली होदी (पानी का टैंक) में गिरकर 4 साल के मासूम बच्चे फिरोज आलम की जान चली गई। बताया जा रहा है कि बच्चा प्यास लगने पर पानी पीने के लिए वहां गया था, तभी बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े गहरे पानी भरे गड्ढे में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अंदर गिर गया।
यह घटना वर्क सर्किल-6 क्षेत्र की है। थाना सेक्टर-113 के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
क्या कहते हैं परिजन और स्थानीय लोग
परिजनों का कहना है कि होदी पर न तो कोई सुरक्षा जाली लगी थी और न ही ढक्कन। मौके पर प्राधिकरण का कोई कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था। अगर बुनियादी सुरक्षा इंतजाम होते और कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद होता, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बच्चा खेलने या पानी पीने के लिए ग्रीन बेल्ट की तरफ गया था और फिर वापस नहीं लौटा। स्थानीय निवासियों ने भी प्राधिकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट और पार्कों में ऐसे खुले गड्ढे या होदियां बच्चों के लिए मौत का जाल बन चुकी हैं। पहले भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों या पानी भरे पिट्स में गिरकर बच्चों की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जा रहा।
पुलिस और प्राधिकरण की भूमिका
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की परिस्थितियों की पूरी जांच की जा रही है। नोएडा प्राधिकरण से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर स्थानीय पत्रकारों और न्यूज हैंडल्स ने इस घटना को व्यापक रूप से साझा किया है। कई पोस्ट्स में @noida_authority, @CeoNoida, @dmgbnagar और @Uppolice को टैग कर जवाबदेही की मांग की गई है। यह हादसा एक बार फिर शहर में सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। ग्रीन बेल्ट, पार्क और पानी की सप्लाई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षा जाली, बैरिकेडिंग और नियमित निगरानी जैसी बुनियादी व्यवस्था न होने से निर्दोष जिंदगियां खतरे में पड़ रही हैं।
सुरक्षा पर गंभीर सवाल
नगर निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि वर्क सर्किल-6 जैसे क्षेत्रों में पानी के पंप और होदियों की सुरक्षा का क्या इंतजाम है। क्या नियमित चेकिंग होती है? क्या बच्चों या आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कोई प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है? इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं। परिवार ने न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी प्राधिकरण से तत्काल कार्रवाई और दोषियों पर कार्रवाई की अपील की है। जांच आगे बढ़ेगी, लेकिन 4 साल के फिरोज आलम की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है।

