नोएडा। साइबर ठग अब निवेश के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार का है, जहां 73 वर्षीय रिटायर्ड नौसैनिक को शेयर बाजार में तीन गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने 2.23 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।
व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुई ठगी
पुलिस के अनुसार, जलवायु विहार निवासी सुनील कुमार आनंद, जो भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं, को 10 जून को व्हाट्सएप पर शेयर बाजार में निवेश कर तीन गुना मुनाफा कमाने का संदेश मिला। ठगों ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए एक फॉर्म भेजा। फॉर्म भरने के बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो सहित अन्य दस्तावेज लेकर कथित ट्रेडिंग अकाउंट सक्रिय कर दिया गया।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से दिखाया करोड़ों का मुनाफा
जालसाजों ने पीड़ित को ‘UP Expro Trading’ नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया और दावा किया कि अपर सर्किट वाले शेयर, ब्लॉक डील और डिस्काउंटेड आईपीओ में निवेश कर रोजाना भारी मुनाफा कमाया जा सकता है। भरोसा जीतने के लिए ऐप में निवेश की राशि लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती रही।
15 जून से 21 जुलाई के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में 2 करोड़ 23 लाख 51 हजार 136 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐप में उनका निवेश बढ़कर 6 करोड़ रुपये से अधिक दिखाया जा रहा था, जिससे उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
पैसे निकालने पर टैक्स के नाम पर मांगे लाखों रुपये
जब सुनील कुमार आनंद ने ऐप से 1.85 करोड़ रुपये निकालने का प्रयास किया, तो जालसाजों ने टैक्स के नाम पर 62.51 लाख रुपये जमा कराने की शर्त रख दी। पीड़ित ने यह रकम भी जमा कर दी, लेकिन इसके बाद ठगों ने 37 लाख रुपये और जमा करने की मांग की। लगातार नई रकम मांगने पर उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ।
मुंबई जाकर खुला फर्जीवाड़े का राज
पीड़ित 27 जुलाई को मुंबई के दादर स्थित उस कंपनी के कार्यालय पहुंचे, जिसके नाम पर निवेश कराया गया था। वहां उन्हें पता चला कि कंपनी का इस पूरे निवेश प्लेटफॉर्म से कोई संबंध नहीं है और उनके साथ पूरी तरह साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने नोएडा साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
नोएडा साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर साइबर ठगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

