Spider-Man: Brand New Day Review: टॉम हॉलैंड के करियर की सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस, इमोशन और एक्शन का बेहतरीन मेल

Spider-Man: Brand New Day Review: बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देने को तैयार ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ में टॉम हॉलैंड पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली नजर आए हैं। No Way Home के भावुक अंत के बाद पीटर पार्कर की अकेली और संघर्षपूर्ण जिंदगी को दिखाती यह फिल्म मल्टीवर्स के शोर से हटकर एक शांत, गहरी कहानी पेश करती है।

हर स्पाइडर-मैन फिल्म पीटर पार्कर से कुछ न कुछ छीनती रही है – कभी कोई गुरु, कभी प्रेम, तो कभी पहचान। लेकिन ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ की शुरुआत वहीं से होती है, जहां यह सब कुछ पहले ही खो चुका है। फिल्म यह नहीं दिखाती कि पीटर हीरो कैसे बना, बल्कि एक कहीं ज्यादा गहरा सवाल पूछती है – जब देखने वाला कोई न बचे, तब हीरोइज्म का क्या मतलब रह जाता है? यह सवाल ‘No Way Home’ के दिल तोड़ने वाले अंत के बाद से ही दर्शकों के मन में था, और ‘ब्रांड न्यू डे’ इसका जवाब बड़े धैर्य के साथ देती है।

तीन फिल्मों के बाद अब खुद पर लौटी कहानी

‘होमकमिंग’ से लेकर ‘फार फ्रॉम होम’ और फिर मल्टीवर्स तक फैलती गई पीटर पार्कर की दुनिया, इस बार फिर से अपने हीरो पर सिमट आई है। दांव अब भी बड़े हैं, लेकिन अब हर ब्रह्मांड को बचाने जैसी बात नहीं रह गई।

टॉम हॉलैंड का अब तक का सबसे संयमित और परिपक्व किरदार

निर्देशक डेस्टिन डेनियल क्रेटन के निर्देशन में टॉम हॉलैंड का यह प्रदर्शन शायद उनके करियर का सबसे बेहतरीन है। उनका पीटर अब उम्र में बड़ा, शांत और उन फैसलों के बोझ तले नजर आता है, जिन्हें अब बदला नहीं जा सकता। अगर ‘होमकमिंग’ जिम्मेदारी की खोज की कहानी थी और ‘फार फ्रॉम होम’ टोनी स्टार्क के बाद की उम्मीदों का बोझ था, तो ‘ब्रांड न्यू डे’ नतीजों के साथ जीना सीखने की कहानी है। यहां कोई गुरु मदद के लिए मौजूद नहीं, कोई सुरक्षा जाल नहीं और दुख से बचने का कोई शॉर्टकट नहीं। हॉलैंड ने पीटर को दुख में डूबे इंसान के तौर पर नहीं, बल्कि उसके साथ जीना सीख चुके शख्स के तौर पर पेश किया है – एक संयमित परफॉर्मेंस, जहां खामोशी खुद बहुत कुछ कह जाती है।

शुरुआत धीमी, लेकिन दूसरा हाफ शानदार

फिल्म का पहला हाफ थोड़ा लंबा खिंचता है, जहां पीटर की नई दुनिया और नए किरदारों को स्थापित करने में ज्यादा वक्त लगता है। लेकिन कहानी बीच में अपनी रफ्तार पकड़ लेती है और उसके बाद रुकने का नाम नहीं लेती। दूसरा हाफ रोमांच से भरपूर है – स्काईस्क्रैपर्स के बीच स्विंगिंग सीक्वेंस पहले से ज्यादा जोखिम भरे लगते हैं, और छतों पर होने वाली चेजिंग सीक्वेंस दर्शकों को चक्कर में डाल देने वाली हैं। न्यूयॉर्क शहर एक ऐसा उलझा हुआ रास्ता बन जाता है, जहां गुरुत्वाकर्षण खुद एक विलेन की तरह महसूस होता है।

सेडी सिंक की दमदार एंट्री, जेंडया की मौजूदगी हर पल महसूस

फिल्म में सेडी सिंक की एंट्री बेहद असरदार है। उनका किरदार रहस्य बनाए रखते हुए धीरे-धीरे खुलता है, और हॉलैंड के साथ उनकी केमिस्ट्री सहज लगती है। वहीं जेंडया की मौजूदगी भले ही सीमित हो, लेकिन उनकी अनुपस्थिति भी उतनी ही गहराई से महसूस होती है। फिल्म पीटर के भावनात्मक अतीत को दोबारा समझाने की कोशिश नहीं करती, बल्कि दर्शकों पर भरोसा करती है कि वे इसे याद रखेंगे।

सपोर्टिंग कास्ट भी असरदार

ब्रूस बैनर कहानी में टकराव लाते हैं, पनिशर दांव को और बढ़ाते हैं, फ्लोरेंस पग की ब्लैक विडो सही समय पर हल्का-फुल्का मनोरंजन देती हैं, और जैकब बटालोन अपनी पुरानी आत्मीयता के साथ लौटते हैं। हर किरदार अपनी छाप छोड़ता है, लेकिन कहानी का केंद्र हॉलैंड ही बने रहते हैं।

कमियां भी हैं

कुछ सपोर्टिंग किरदारों को पूरी तरह विकसित होने का मौका नहीं मिल पाता, और पहले हिस्से की एडिटिंग थोड़ी और कसी जा सकती थी। फिल्म तब सबसे मजबूत लगती है जब वह पीटर की भावनात्मक यात्रा पर भरोसा करती है, न कि आगे की कहानियों की जमीन तैयार करने में उलझती है।

अंत भावुक, पोस्ट-क्रेडिट सीन खोलता है नया रास्ता

फिल्म का अंत कड़वा-मीठा है, जो स्पाइडर-मैन के किरदार के सार को सही मायनों में दर्शाता है। पीटर को उसके सही फैसलों का कोई आसान इनाम नहीं मिलता, न ही फिल्म उसके फैसलों की कीमत को हल्का करने की कोशिश करती है। हालांकि, पोस्ट-क्रेडिट सीन धीरे से यह संकेत देता है कि पीटर की कहानी – और शायद मल्टीवर्स भी – अभी खत्म नहीं हुआ है।

निष्कर्ष

सालों तक टोनी स्टार्क, एवेंजर्स और मल्टीवर्स जैसे किरदारों और घटनाओं से परिभाषित रहे टॉम हॉलैंड के स्पाइडर-मैन को ‘ब्रांड न्यू डे’ आखिरकार अपनी कहानी खुद कहने का मौका देती है। शुरुआत में भले ही फिल्म को अपनी रफ्तार पकड़ने में थोड़ा वक्त लगे, लेकिन एक बार जब यह पटरी पर आती है, तो फ्रैंचाइजी के सबसे रोमांचक एक्शन सीक्वेंस, सबसे ईमानदार भावनात्मक पल और यह याद दिलाती है कि स्पाइडर-मैन तब सबसे बेहतर लगता है, जब मास्क उतर जाता है।

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