Greater Noida citizen outreach program: ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) ने शहर को और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण ने सेक्टर-वार आउटरीच कार्यक्रम (जनसंपर्क अभियान) की शुरुआत की है। इसके तहत अधिकारियों की टीमों को सीधे आवासीय क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, ताकि निवासियों की समस्याओं का मौके पर जाकर प्राथमिकता आधार पर निवारण किया जा सके।
इस पहल की शुरुआत अल्फा-I सेक्टर से हुई, जहां मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्रीलक्ष्मी वी.एस. के नेतृत्व में बहु-विभागीय टीम पहुंची। टीम में प्रोजेक्ट, जन स्वास्थ्य, उद्यान, विद्युत अभियांत्रिकी तथा जल एवं सीवरेज विभाग के अधिकारी शामिल थे। उप महाप्रबंधक (परियोजना) विजय कुमार रावल के नेतृत्व में हुए इस निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने कई मुद्दे उठाए।
उठाई गई प्रमुख शिकायतें
निवासियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया:
सड़कों के किनारे पड़े निर्माण मलबे (डेब्री), पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के आसपास कचरा जमा होना, क्षतिग्रस्त स्ट्रीटलाइट खंभे, पार्कों की रखरखाव की कमी, सड़क मार्किंग, स्पीड ब्रेकर की जरूरत, स्थानीय बाजार में सार्वजनिक शौचालय की कमी।
टीम की त्वरित कार्रवाई: निरीक्षण के दौरान टीम ने PG संचालकों को कचरा फैलाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण मलबे को तुरंत हटाने और खर्च संबंधित संपत्ति मालिकों से वसूलने का आदेश जारी किया गया। प्राधिकरण ने निवासियों से अपील की कि वे कचरा केवल निर्धारित संग्रहण गाड़ियों में ही डालें, अन्यथा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। अल्फा-I रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष शेर सिंह भाटी के नेतृत्व में RWA प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया और प्राधिकरण की इस सक्रियता की सराहना की। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया कि चिन्हित सभी मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल किया जाएगा।
यह अभियान GNIDA की समग्र नागरिक सेवा सुधार रणनीति का हिस्सा है। CEO एन.जी. रवि कुमार के नेतृत्व में प्राधिकरण पहले भी सफाई, जल आपूर्ति और शिकायत निस्तारण पर फोकस कर चुका है। हाल ही में रात्रिकालीन कचरा संग्रहण शुरू किया गया, खासकर व्यस्त बाजारों जैसे जगत फार्म में। अल्फा-बीटा जैसे पुराने सेक्टरों में गंगाजल आपूर्ति बढ़ाई गई और दूषित पानी की शिकायतों पर त्वरित टीम गठित की गईं। प्राधिकरण ने कॉल सेंटर को मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसमें हेल्पलाइन नंबर्स (8800203912, 0120-2336046 आदि) जारी किए गए हैं। सेक्टर-वार आउटरीच के जरिए अब शिकायतें सीधे मौके पर दर्ज हो रही हैं, जो पहले पोर्टल या हेल्पलाइन तक सीमित थीं।
निवासियों के लिए सलाह: GNIDA की आधिकारिक वेबसाइट या WhatsApp हेल्पलाइन (79823 00721 स्ट्रीट लाइट आदि के लिए) के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। RWA के माध्यम से सामूहिक आवेदन अधिक प्रभावी साबित होते हैं। प्राधिकरण का यह कदम ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और निवासियों के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। आगे अन्य सेक्टरों में भी इस अभियान को विस्तार दिया जाएगा। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे भी सहयोग करें ताकि शहर की साझा समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

