Greater Noida: उस्मानपुर में गौमाता व नंदी के क्षत-विक्षत शव मिले, ग्रामीणों का तिरंगा चौराहे पर प्रदर्शन; गौतस्करों पर लगातार हमले का आरोप

Greater Noida: गौतमबुद्धनगर (दनकौर), उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए योगी सरकार की सख्त नीतियों और लगातार अभियानों के बावजूद गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में गौतस्करी और गौवंश हत्या की घटनाएं जारी हैं। ताजा मामला दनकौर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव का है, जहां एक गौमाता और एक नंदी के शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शवों की दर्दनाक हालत देखकर लोगों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थानीय गौतस्कर गिरोह की करतूत है, जो लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है और गौवंशों को चुराकर अवैध कटाई करता आ रहा है।

ग्रामीणों की मांग और प्रदर्शन
नाराज ग्रामीणों ने दनकौर क्षेत्र के तिरंगा चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, गौतस्करी पर प्रभावी रोक और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण माहौल रहा, जिसके चलते पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं बार-बार होने के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती और कई मामलों में घटनाओं को दबाने का प्रयास किया जाता है। उनका कहना है कि इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

पुलिस की भूमिका
दनकौर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने अभी तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, हालांकि स्थानीय स्तर पर शवों का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय संदर्भ
गौतमबुद्धनगर में गौतस्करी की घटनाएं नई नहीं हैं। जिले में पहले भी गोमांस तस्करी के बड़े रैकेट पकड़े गए हैं, जिनमें भैंस के मांस में गोमांस छिपाकर निर्यात करने के प्रयास शामिल रहे। यूपी पुलिस ने कई बार गौकश गिरोहों के खिलाफ मुठभेड़ें की हैं और तस्करों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों और गांवों के आसपास घूमने वाले लावारिस गौवंश अक्सर तस्करों का शिकार बनते हैं। सरकार की गौ संरक्षण नीति के तहत आश्रय स्थलों का विस्तार और सख्त कानून लागू हैं, लेकिन ग्रामीण स्तर पर निगरानी की कमी से घटनाएं थम नहीं रही हैं।

सोशल मीडिया और जन प्रतिक्रिया
घटना की खबर तेजी से वायरल हो रही है। स्थानीय लोग गौ रक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। पुलिस जांच जारी है। यदि कोई नई जानकारी मिलती है तो आगे अपडेट किया जाएगा। इस मुद्दे पर गौ संरक्षण कार्यकर्ता और प्रशासन दोनों की नजर बनी हुई है। यह घटना यूपी में गौ संरक्षण की चुनौतियों को फिर रेखांकित करती है। प्रशासन को क्षेत्र में गौवंश सुरक्षा बढ़ाने और तस्करों पर सख्ती करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

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