नोएडा सेक्टर-49 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रशांत त्यागी ने जल निकासी, बिजली कटौती, हॉर्टिकल्चर और सड़कों की बदहाली को लेकर नोएडा अथॉरिटी पर तीखा हमला बोला। 30 साल पुराने सेक्टर में बारिश में घरों में पानी घुसने, घंटों बिजली न आने और पार्कों की बदहाली से निवासी परेशान। समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी।
नोएडा सेक्टर 49 समस्याएं: 30 साल पहले बसा नोएडा सेक्टर-49 आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। बारिश का एक झोंका सेक्टर को तालाब में बदल देता है, बिजली की आपूर्ति अनियमित हो गई है और पार्कों में बच्चों के खेलने के उपकरण वर्षों से खस्ताहाल पड़े हैं। रविवार को आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और निवासियों ने मीडिया के माध्यम से इन समस्याओं को उठाते हुए नोएडा प्राधिकरण, जल विभाग और बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रशांत त्यागी ने कहा, “एक तरफ नोएडा को वर्ल्ड क्लास सिटी और स्वच्छता पुरस्कारों का दावा किया जा रहा है, दूसरी तरफ यहां घुटनों तक पानी भर जाता है, घरों में घुस जाता है। गाड़ियां खराब हो रही हैं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। हम फोन करते हैं तो अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।”
मुख्य समस्याएं जो सेक्टरवासियों को परेशान कर रही हैं:
जल निकासी और जलभराव: बारिश में पूरा सेक्टर पानी में डूब जाता है। ड्रेनेज सिस्टम इतना खराब है कि पानी घरों तक पहुंच जाता है। निवासी बताते हैं कि दो साल से इस समस्या पर लड़ाई लड़ रहे हैं। ढाई-तीन करोड़ रुपये का बजट आने के बावजूद काम ठप रहता है क्योंकि सीनियर मैनेजर बदल जाते हैं। वॉटर हार्वेस्टिंग की मांग की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
बिजली आपूर्ति की बदहाली: नो पावर कट जोन होने के बावजूद सेक्टर में 9-9, 10-10 घंटे बिजली गुल रहती है। बिजली के खंभे गल चुके हैं। हाल ही में जुलाई 2026 में भी कई बार घंटों बिजली नहीं आई, जिसकी शिकायत आरडब्ल्यूए के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @49RWA पर दर्ज की गई।
हॉर्टिकल्चर और पार्कों की दुर्दशा: पार्कों में ओपन जिम, झूले और बच्चों की खेलने वाली मशीनें 7-8 साल से बिना मेंटेनेंस के खराब पड़ी हैं। फव्वारे 15 साल पुराने बंद पड़े हैं। हॉर्टिकल्चर अधिकारी आनंद मोहन पर आरोप है कि वे किसी की नहीं सुनते।
सड़क और सीवर की समस्या: मुख्य सर्विस रोड (क्रिया हॉस्पिटल के सामने) बार-बार टूट जाती है। गेट नंबर 3 से 11 तक की सड़कें खस्ताहाल हैं। सीवर का टेंडर तीन साल की लड़ाई के बाद हुआ लेकिन काम बारिश में शुरू होने से समस्या बढ़ गई। प्रिया के सामने इमरजेंसी कट पर रॉन्ग-साइड ट्रैफिक से कई एक्सीडेंट हो चुके हैं, जिनमें लोग घायल और मारे भी गए। आरडब्ल्यूए सदस्य विजय कुमार भाटी और अन्य सदस्यों ने बताया कि छोटी-मोटी समस्याएं वे खुद निपटाते हैं, लेकिन इन बड़ी समस्याओं पर प्राधिकरण की उदासीनता उन्हें मजबूर कर रही है।
निवासियों की राय
“वोट मांगने जनप्रतिनिधि आते हैं, फिर पांच साल गायब।” “गेट नंबर 8 के सामने हॉस्पिटल से पानी सड़क पर आता है।” “कोई मार्केट नहीं, नई सड़कें बनती हैं लेकिन फायदा नहीं।” “मेडिकल इमरजेंसी में इनवर्टर भी काम नहीं आता।”
आरडब्ल्यूए का अल्टीमेटम: समस्याओं का तुरंत समाधान न होने पर सेक्टरवासी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रशांत त्यागी ने मुख्यमंत्री कार्यालय, जनप्रतिनिधियों और नोएडा अथॉरिटी से अपील की कि वे सेक्टर का दौरा करें और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें — सस्पेंशन या टर्मिनेशन तक। नोएडा प्राधिकरण की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

