Noida Authority road scam: नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हिंडन पुल पर सड़क मरम्मत का घोटाला? बारिश में पानी जमा होने के बावजूद जारी निर्माण, लंबा जाम और आमजन का पैसा बर्बाद

बारिश के मौसम में पानी जमा सड़क पर बिना रुके काम, लंबे जाम और देरी से आमजन परेशान। क्या यह जानबूझकर घोटाला है? विस्तृत रिपोर्ट।

Noida Authority road scam: नोएडा, उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों आम नागरिकों के लिए सिरदर्द बन गया है। पर्थला चौक से चार मूर्ति (किसान चौक) होते हुए हिंडन नदी पर बने पुल की सड़क मरम्मत का कार्य पिछले कई हफ्तों से चल रहा है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और समयबद्धता पर स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और ऑटो ड्राइवरों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण (GNIDA) के अनुसार, करीब 30 साल पुराने इस पुल के दोनों तरफ की सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जून 2026 में मैस्टिक मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जिसमें एक-एक लेन बंद कर काम करने की योजना बनाई गई थी। प्राधिकरण का दावा है कि डेढ़ महीने में काम पूरा हो जाएगा, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग नजर आ रही है। महीनों बीत चुके हैं और निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है।

बारिश में पानी पर निर्माण: गुणवत्ता पर सवाल

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जानबूझकर बारिश के मौसम में काम शुरू किया गया, जब सड़क पर पानी जमा रहता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी भरी सड़क पर रोलर और निर्माण सामग्री बिछाई जा रही है। ऐसे में नई सड़क कितने समय टिकेगी, यह बड़ा सवाल है। एक इंस्टाग्राम रील में Noida के Site-4 इलाके में भी इसी तरह पानी जमा होने के बावजूद रोड वर्क जारी दिखाया गया, जिसके बाद UPSIDA ने काम रोका था। लोगों का कहना है, “कुछ समय का काम था, लेकिन लंबा खींचा जा रहा है ताकि आमदनी अच्छी हो सके। रात के समय काम होता है, दिन में कौन देखने आता है?” दोपहर में ट्रैफिक कम होने के बावजूद रात में निर्माण जारी रखा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है।

ट्रैफिक जाम की मार, रोज की परेशानी

एक लेन बंद होने के कारण सुबह-शाम पर्थला से चार मूर्ति की ओर जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम लग रहा है। यह मार्ग नोएडा सेक्टर 122, पर्थला और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर चौक आदि) के हजारों निवासियों का मुख्य रास्ता है। चार मूर्ति चौक पर अंडरपास निर्माण के साथ-साथ यह मरम्मत कार्य पूरे इलाके में ट्रैफिक दबाव बढ़ा रहा है। ट्रैफिक पुलिस को बार-बार अपडेट जारी करने पड़ रहे हैं। स्थानीय ऑटो ड्राइवरों और कार चालकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्राधिकरण सीईओ और आला अधिकारियों को आमजन की परेशानी का कोई भय नहीं है। “ट्रैफिक कम होने वाले समय में काम किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।”

प्राधिकरण की भूमिका और बड़े सवाल

ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) ने यातायात पुलिस के सुझाव पर चरणबद्ध तरीके से काम करने की बात कही है, लेकिन देरी और मौसम की अनदेखी ने घोटाले की आशंका पैदा कर दी है। नोएडा प्राधिकरण में पहले भी सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। यह निर्माण कार्य आम जनता के टैक्स के पैसे से हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता और समय पर पूरा न होने से न केवल पैसे की बर्बादी हो रही है, बल्कि रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों की मांग:

तत्काल निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच और समयबद्ध पूरा करना। दिन के समय (ट्रैफिक कम होने पर) काम बढ़ाना। वैकल्पिक रास्तों का बेहतर प्रबंधन और ट्रैफिक पुलिस की मजबूत व्यवस्था। जवाबदेही तय कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई। नोएडा प्राधिकरण और GNIDA को इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, वरना आमजन का गुस्सा बढ़ता ही जाएगा। यह सिर्फ एक सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि शासन की विश्वसनीयता का सवाल है। प्राधिकरण की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

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