Tihar Jail News: तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मॉथ्यू एरन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) ने जेल के मसालेदार, तेलयुक्त और डीप-फ्राइड खाने को अस्वीकार करते हुए 6 मई से लगातार भूख हड़ताल पर रहने का दावा किया है। उन्होंने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष याचिका दायर कर खुद खाना पकाने की अनुमति मांगी है, जिसमें स्टोव, बर्तन और विभिन्न खाद्य सामग्री शामिल हैं। वैनडाइक, जो मार्च 2026 में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा म्यांमार से जुड़े आतंकवादी साजिश मामले में गिरफ्तार किए गए थे, का कहना है कि वे अमेरिकी नागरिक होने के कारण भारतीय जेलों में परोसे जाने वाले मसालेदार, तेलयुक्त और ग्रीसी भोजन को पचाने में असमर्थ हैं। याचिका में दावा किया गया है कि इस वजह से उनकी सेहत बिगड़ गई है, वजन में करीब 14 किलोग्राम की कमी आई है, आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है और शारीरिक क्षमता, स्टैमिना तथा इम्यूनिटी घटी है। उन्होंने मुख्य रूप से सोया मिल्क जैसे तरल पदार्थों पर निर्भर रहकर भूख हड़ताल जारी रखी है।
याचिका में क्या-क्या मांगा?
वैनडाइक ने अपने परिवार की ओर से खर्च वहन करते हुए निम्नलिखित चीजों की अनुमति मांगी है: खाना पकाने के उपकरण: इंडक्शन स्टोव, बर्तन, कटोरे, प्लास्टिक चॉपर आदि।
खाद्य सामग्री: दालें, रेड मीट, चिकन, फिश (झींगा), अनकुक्ड नूडल्स और पास्ता, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, मसाले (जैसे लेमन पेपर), ब्रेड, बटर, जैतून का तेल (olive oil), टोंड मिल्क, सोया मिल्क, बोतलबंद पानी और अन्य सब्जियां। इसके अलावा मच्छर भगाने वाली दवा (mosquito repellent) की भी मांग की गई है। कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन और NIA को याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है। वर्तमान में वैनडाइक की न्यायिक हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
NIA के अनुसार, मॉथ्यू वैनडाइक सहित छह यूक्रेनी नागरिकों को मार्च 2026 में कोलकाता समेत अन्य जगहों से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वे पर्यटक वीजा पर भारत आए, असम-मिजोरम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति घूमे और म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दे रहे थे। ये गतिविधियां भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय विद्रोही संगठनों से जुड़ी बताई जा रही हैं। सभी पर UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। NIA जांच जारी रखे हुए है। वैनडाइक एक डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, विदेशी फाइटर और सिक्योरिटी एनालिस्ट के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने लीबिया जैसे संघर्ष क्षेत्रों में भी समय बिताया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी परिवार और कुछ अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता जताई जा रही है, हालांकि भारतीय एजेंसियां सुरक्षा और जांच को प्राथमिकता दे रही हैं। जेल अधिकारियों की ओर से अभी तक इस याचिका पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन तिहाड़ जेल में विदेशी कैदियों के लिए विशेष आहार संबंधी प्रावधानों पर चर्चा होने की संभावना है। यह मामला जेल सुविधाओं, कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी बहस छेड़ सकता है।

