नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) के तहत विकसित किए जा रहे नया नोएडा प्रोजेक्ट को अब जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसने वाले इस महत्वाकांक्षी शहर के लिए नोएडा प्राधिकरण जल्द ही किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा। पहले चरण में 37 गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां किसानों से सीधे संवाद कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
नया नोएडा के लिए पांच लेखपालों की नियुक्ति
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने के लिए शासन ने नोएडा प्राधिकरण में पांच लेखपालों की नियुक्ति कर दी है। इनमें से एक लेखपाल ने कार्यभार संभाल लिया है, जबकि अन्य जल्द ही अपनी जिम्मेदारी ग्रहण करेंगे। इनकी नियुक्ति के बाद भूमि से जुड़े रिकॉर्ड और राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
सेक्टर-96 कार्यालय से होगी पूरी प्रक्रिया की निगरानी
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि सभी लेखपाल सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण कार्यालय में बैठेंगे। आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ये अधिकारी नया नोएडा में शामिल 80 गांवों का जमीनी सर्वे और राजस्व आकलन करेंगे। पहले चरण में 37 गांवों में कैंप लगाकर किसानों से बातचीत की जाएगी और उनकी सहमति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भूमि रिकॉर्ड का होगा सत्यापन
लेखपालों की तैनाती के साथ अब भूमि अभिलेखों का सत्यापन, राजस्व रिकॉर्ड का मिलान, खसरा-खतौनी की जांच और किसानों की जमीन का विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा। इसके बाद शासन की नीति के अनुसार भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और किसानों की सहमति के आधार पर पूरी की जाएगी।
नया नोएडा बनेगा आधुनिक औद्योगिक और आवासीय शहर
नया नोएडा परियोजना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शहरी विकास योजनाओं में से एक है। यहां आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय सेक्टर, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं और विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। यह परियोजना भविष्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है।
किसानों से संवाद पर रहेगा विशेष जोर
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि भूमि अधिग्रहण पूरी तरह आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए गांवों में कैंप लगाकर किसानों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि बिना किसी विवाद के परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
नया नोएडा परियोजना क्यों है खास?
डीएनजीआईआर के तहत विकसित होने वाला नया नोएडा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश और आबादी के दबाव को देखते हुए यह नया शहर क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लेखपालों की नियुक्ति और गांवों में कैंप लगाने की तैयारी के साथ अब यह परियोजना कागजों से निकलकर जमीनी स्तर पर तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

