वायनाड लैंडस्लाइड: टनल प्रोजेक्ट साइट पर मलबा ढहने से 3 मौतें, कई घायल और फंसे

वायनाड लैंडस्लाइड: मॉनसून की तेज बारिश ने केरल के वायनाड जिले में एक बार फिर तबाही मचा दी है। मंगलवार दोपहर कल्लाडी (मेप्पाडी के पास) स्थित मीनाक्षी ब्रिज के निकट मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन साइट पर भारी मलबा ढह गया, जिसमें 2-3 लोगों की मौत हो गई, 6-8 घायल हुए और 7-10 लोग फंसे होने की आशंका है। पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घटना का विवरण:
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 225-265 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। टनल खुदाई से निकाली गई मिट्टी साइट के पास जमा थी, जो बारिश से खिसक गई। इससे कई पेड़ उखड़ गए और बैरिकेडिंग बह गई। हादसा अनाक्कम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी ट्विन टनल प्रोजेक्ट के पास हुआ, जो मलप्पुरम और वायनाड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट है। यह इलाका 2024 के घातक लैंडस्लाइड (300+ मौतें) वाले मुंडक्कई-चूरलमाला क्षेत्र के करीब है। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने घटना को गंभीर बताते हुए ठेकेदार पर आरोप लगाया कि उन्होंने मिट्टी हटाने के आदेश की अनदेखी की। उन्होंने मंत्रियों को रेस्क्यू की निगरानी का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों ने तीन श्रमिकों को मलबे से बाहर निकाला, जबकि फायर सर्विस, पुलिस और एनडीआरएफ टीमें मौके पर पहुंची हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अन्य राज्यों में भी तबाही:
मॉनसून की इस वर्ष की सक्रियता ने पूरे देश को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र में पिछले 3-4 दिनों में भारी बारिश से 13 मौतें हुईं, जिनमें मुंबई, पालघर और रायगढ़ शामिल हैं। करजट-लोनावाला घाट में लैंडस्लाइड से मुंबई-पुणे रेल सेवा बाधित हुई। उत्तर भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और बाढ़ की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जहां पिछले हफ्तों में दर्जनों मौतें हो चुकी हैं। IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में पर्यटकों को लैंडस्लाइड-प्रोन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों की चिंता:
 वायनाड 2024 की आपदा के बाद भी संवेदनशील बना हुआ है। विशेषज्ञ वन कटाई, निर्माण गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराते हैं। टनल प्रोजेक्ट जैसे बड़े निर्माणों में मिट्टी प्रबंधन और बारिश अलर्ट पर सख्ती बरतने की मांग उठ रही है।

सरकारी प्रतिक्रिया:
केंद्र और राज्य सरकारें रेस्क्यू को प्राथमिकता दे रही हैं। IMD ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है। नागरिकों से अनावश्यक यात्रा टालने और सतर्क रहने की अपील की गई है। यह घटना मॉनसून की चुनौतियों की याद दिलाती है। आगे की बारिश से और नुकसान रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

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