मुंबई के मनखुर्द में भारी बारिश के बीच चॉल का हिस्सा ढहने से छह की मौत, एक घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। रविवार रात करीब 8:30 बजे मनखुर्द के जनता नगर इलाके में चॉल नंबर 5 (हनुमान मंदिर के पीछे) का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। ब्रिहनमुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अनुसार, यह घटना भारी वर्षा के कारण हुई, जिससे पुरानी और कमजोर संरचनाएं प्रभावित हुईं।53

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ग्राउंड प्लस थ्री (जी+3) स्तर की यह चॉल ढहने से कई लोग मलबे के नीचे फंस गए थे। मुंबई फायर ब्रिगेड ने घटना को लेवल-1 इमरजेंसी घोषित कर दिया और रात 9:07 बजे के आसपास रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, बीएमसी वॉर्ड स्टाफ और 108 एंबुलेंस सेवाओं की टीमों ने तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाने का काम जारी है, जबकि आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने भी रेस्क्यू टीमों की मदद की।

घटना का विवरण:
 जनता नगर इलाके की यह चॉल पुरानी थी और मानसून की बारिश में कमजोर हो चुकी थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में 2-3 लोगों के फंसने की आशंका जताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 4-5 हो गई। बीएमसी और फायर ब्रिगेड के अपडेट के अनुसार, अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक घायल को अस्पताल पहुंचाया गया है। मृतकों की पहचान की जा रही है। यह घटना मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ पुरानी इमारतों की कमजोर स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है।

मौसम का असर:
 भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मनखुर्द जैसे निचले इलाकों में पुरानी चॉलों और झुग्गी-बस्तियों पर बारिश का सबसे ज्यादा खतरा होता है। बीएमसी ने पहले ही कई खतरनाक इमारतों को चिन्हित किया था, लेकिन पुनर्वास और मरम्मत की प्रक्रिया धीमी रही है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
 बीएमसी और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य अधिकारियों से भी घटना की जानकारी ली जा रही है। घायल व्यक्ति का इलाज राजावाड़ी अस्पताल या नजदीकी मेडिकल सेंटर में चल रहा है। मृतकों के परिवारीजनों को मुआवजा और सहायता प्रदान करने की घोषणा होने की संभावना है।

पृष्ठभूमि और चिंताएं:
 मुंबई में हर मानसून में पुरानी इमारतों और चॉलों के ढहने की घटनाएं आम हैं। पिछले वर्षों में भी मनखुर्द समेत कई इलाकों में ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज अर्बनाइज़ेशन, पुरानी संरचनाओं की अनदेखी और ड्रेनेज सिस्टम की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। बीएमसी को पुरानी इमारतों के पुनर्विकास (रिडेवलपमेंट) पर और तेजी से काम करने की जरूरत है। यह एक विकासशील खबर है। घटना की जांच की जा रही है और आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा। प्रशासन से अपील है कि ऐसे इलाकों के निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए ताकि और हादसों को रोका जा सके। मुंबईवासियों से अनुरोध है कि भारी बारिश में सतर्क रहें और खतरनाक इमारतों से दूर रहें।

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