नोएडा पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए थाना सेक्टर-24 में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर युवकों को फंसाकर लूटपाट और ठगी की वारदातें अंजाम दीं। पुलिस ने 2 पुरुषों और 3 महिलाओं समेत कुल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। एक अन्य अभियुक्त अभी फरार है।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देशन में नोएडा जोन में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसीपी-2 और एसएचओ सेक्टर-24 की टीम ने इस गैंग को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से लूटी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर कार, घटना में इस्तेमाल की गई दो अन्य कारें और अवैध चाकू (शस्त्र) बरामद किए गए हैं।
गिरोह का मॉडस ऑपरेण्डी
पूछताछ में पता चला कि आरोपी लगभग 6 महीने से इस साइबर-शारीरिक लूट के नेटवर्क को चला रहे थे। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाते थे। इसमें शामिल महिलाएं पीड़ितों (विशेषकर युवकों) से ऑनलाइन दोस्ती करतीं, उन्हें आश्वस्त करतीं कि क्लब जेनुइन है। मुलाकात का बहाना बनाकर सुनसान जगह पर बुलाकर लूटपाट की जाती थी। पीड़ितों से नकदी, मोबाइल, वाहन छीनने के साथ-साथ UPI के माध्यम से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर करा लिए जाते थे। 30 जुलाई की रात सेक्टर-54 स्थित सीएनजी पंप के पास एक व्यक्ति से फॉर्च्यूनर कार लूटने की घटना में थाना सेक्टर-24 में FIR दर्ज हुई थी। इसी मामले की जांच के दौरान पूरा नेटवर्क सामने आया। जांच में छह लोगों के इस वारदात में शामिल होने की पुष्टि हुई। पत्रकारों के सवाल पर एडीसीपी ने बताया कि महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से लालच और भरोसा जीतने की थी। वे पीड़ितों को आकर्षित करतीं, जिसके बाद बाकी सदस्य लूट की योजना को अंजाम देते थे। अभी तक के पूछताछ से यह भी पता चला है कि गिरोह ने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है, जिससे और कई मामले सामने आने की संभावना है।
पुलिस की अपील
एडीसीपी मनीषा सिंह ने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन फ्रेंडशिप/डेटिंग क्लबों के माध्यम से अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत में पेश किया जा रहा है, जबकि बाल अपचारी को नियमानुसार भेजा जा रहा है। अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई नोएडा पुलिस की डिजिटल अपराधों के खिलाफ सतर्कता और त्वरित एक्शन की मिसाल है। ऐसे गिरोहों के लिए यह कड़ा संदेश है कि ऑनलाइन जाल बिछाने वाले अब आसानी से नहीं बच पाएंगे।
अन्य संबंधित खबरें: नोएडा पुलिस हाल ही में मोबाइल स्नैचिंग, टूर पैकेज ठगी और वाहन चोरी जैसे कई गिरोहों का भंडाफोड़ कर चुकी है, जो क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

