उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कमिश्नरेट डे पर दिल्ली पुलिस की भव्य परेड की ली सलामी

New Delhi news दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड में कमिश्नरेट डे-2026 के अवसर पर भव्य समारोह और सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली। इस दौरान दिल्ली पुलिस आयुक्त आईपीएस सतीश गोलछा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों और जवानों को कमिश्नरेट डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस को दृश्यमान, मानवीय, तकनीक आधारित और जनकेंद्रित पुलिसिंग के सिद्धांतों पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजधानी में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने ‘आॅपरेशन विश्वास’ के तहत खोया सामान लोगों को लौटाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
उन्होंने यातायात नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ लोगों का सहयोग और व्यवहार में बदलाव भी जरूरी है। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने, पुलिसकर्मियों की समय पर पदोन्नति, पारदर्शी तबादला नीति और शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के कल्याण के लिए नए प्रयास करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली पुलिस ने अपराध नियंत्रण और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में जघन्य अपराधों में 8 प्रतिशत, भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज मामलों में 12 प्रतिशत, वाहन चोरी में 21 प्रतिशत तथा अन्य चोरी के मामलों में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि ऐसे मामलों में जांच का सफलता प्रतिशत 98 तक पहुंच गया है।
मकोका के तहत कार्रवाई से हथियारों के इस्तेमाल में आई कमी
उन्होंने बताया कि संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे आॅपरेशन गैंग बस्ट और मकोका के तहत कार्रवाई से गंभीर अपराधों में हथियारों के इस्तेमाल में 27 प्रतिशत की कमी आई है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली पुलिस ने वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर 123 नशा प्रभावित हॉटस्पॉट भी चिन्हित किए हैं। साथ ही जुलाई माह को ‘चाइल्ड सेफ्टी अवेयरनेस मंथ’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई।
उत्कृष्ट कार्य के लिए यह हुए सम्मानित
समारोह के दौरान उपराज्यपाल ने ड्यूटी के दौरान शहीद और घायल हुए पुलिसकर्मियों को ‘आहत वीर सम्मान पत्र’ प्रदान किए। शहीद कांस्टेबल विक्रम को मरणोपरांत सम्मान दिया गया, जिसे उनकी पत्नी अनीता सिंह ने ग्रहण किया। इसके अलावा 27 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए ग्रेटर कैलाश और लक्ष्मी नगर पुलिस थानों सहित विभिन्न पुलिस कॉलोनियों को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर दिल्ली पुलिस के पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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