‘स्कूलों में बाल सुरक्षा पर रहेगा फोकस”
New Delhi news बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने ‘चाइल्ड सेफ्टी मंथ’ के तहत दो दिवसीय ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स (टीओटी) कार्यक्रम शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के आदर्श आॅडिटोरियम में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भौतिक और आॅनलाइन, दोनों माध्यमों से संचालित किया जा रहा है।
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की परिकल्पना के अनुरूप आयोजित इस अभियान में दिल्ली पुलिस, शिक्षा निदेशालय (डीओई) और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) संयुक्त रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इसका उद्देश्य राजधानी के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को चार बैचों में आयोजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच के लिए आधे दिन का सत्र रखा गया है। इन सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को बाल सुरक्षा संबंधी कानूनों, सुरक्षा उपायों और स्कूलों में अपनाई जाने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के दिशा-निर्देश, स्कूल सुरक्षा एवं संरक्षा, साइबर सुरक्षा और जागरूकता, पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा शिक्षा निदेशालय के तहत इसके प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डीसीपी/एसपीयूडब्ल्यूएसी नेहा यादव की निगरानी में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और स्कूलों में बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है।
शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता
दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी का यह संयुक्त प्रयास राजधानी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



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