हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में एक और निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। लॉर्ड्स के iconic मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट से मिली हार ने भारत की सेमीफाइनल यात्रा को समाप्त कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 171 रनों का लक्ष्य 19 ओवर में 6 विकेट शेष रहते हासिल कर विश्व कप इतिहास में सबसे सफल चेज दर्ज किया।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 20 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए। हरमनप्रीत कौर ने 56 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना (38) और शफाली वर्मा (34) ने अच्छी शुरुआत दी। लेकिन मध्य क्रम और डेथ ओवर्स में रनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एलिसे पेरी (56) और एशलेई गार्डनर (नाबाद 53) की शानदार साझेदारी के दम पर लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 59 गेंदों पर 100 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह विश्व कप में चेज का सबसे बड़ा स्कोर है।
आत्मघाती गलतियां और पुरानी कमजोरियां
भारतीय टीम की हार में कोई और जिम्मेदार नहीं, बल्कि खुद की गलतियों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया। मैच से पहले ही कई सवाल थे, और मैच के दौरान वे सही साबित हुए
टॉस का गलत फैसला: ऑस्ट्रेलिया मजबूत चेजिंग टीम है। लॉर्ड्स पर 31 टी20 मैचों में चेज करने वाली टीमों ने 21 जीते हैं। फिर भी भारत ने बैटिंग चुनी, जो घातक साबित हुई। ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू ने भी कहा कि वे भी बोलिंग ही चुनतीं।
चयन की भूल: नंदिनी शर्मा जैसी इन-फॉर्म तेज गेंदबाज को बाहर रखकर क्रांति गौड़ को शामिल किया गया, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में विकेट नहीं लिए। क्रांति का एक ओवर 12 रन खर्च हुआ और उन्हें दोबारा गेंदबाजी का मौका नहीं मिला।
गेंदबाजी और फील्डिंग की लापरवाही: भारत ने 10 एक्स्ट्रा (वाइड और नो-बॉल) दिए, जो दबाव वाले चेज में घातक साबित हुए। रेनुका सिंह और श्री चरणी की गेंदबाजी में कंट्रोल की कमी दिखी। फील्डिंग में भी गलतियां हुईं—गहरे में बाउंड्री रोकने में असफलता और रनिंग के बीच दबाव बनाने में कमी। पूरे टूर्नामेंट में भारत ने 11 कैच छोड़े।
बोलिंग की कमजोरी: शरेयंका पाटिल की अनुपस्थिति में डेथ बोलिंग बेहद कमजोर नजर आई। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी यही समस्या उभरी थी।
कोच और कप्तान की प्रतिक्रिया
मुख्य कोच अमोल मुजुमदार ने मैच के बाद स्वीकार किया कि टीम को बोलिंग और फील्डिंग में मानक ऊंचे करने होंगे। उन्होंने तेज गेंदबाजों की अनुभवहीनता का जिक्र करते हुए भविष्य में सुधार की उम्मीद जताई। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, “हम खेल में थे, लेकिन अपने स्तर के अनुसार नहीं खेले।” उन्होंने स्वीकार किया कि टॉप टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन जरूरी है।
आगे का रास्ता
यह भारत के लिए लगातार दूसरा टी20 विश्व कप है जहां वे ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई हैं। टैलेंट की कोई कमी नहीं, लेकिन दबाव में निर्णय लेने, अनुशासन और बुनियादी कौशलों में सुधार की जरूरत है। 2028 विश्व कप से पहले इन कमजोरियों को दूर करना होगा। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ग्रुप ए से सेमीफाइनल में पहुंच गए। भारतीय टीम अब घर लौटकर विश्लेषण करेगी, लेकिन सवाल उठ रहे हैं क्या हरमनप्रीत की कप्तानी जारी रहेगी? भारतीय महिला क्रिकेट में क्षमता है, लेकिन विश्व स्तरीय सफलता के लिए आत्म-मंथन और सुधार अनिवार्य है।

