New Delhi news दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (एनडीआर) ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के सरगना शबीर अली उर्फ शबीर चौधरी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी अप्रैल 2025 से स्पेशल सेल के मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के एक मामले में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध वसूली, जमीन कब्जाने समेत 14 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इंस्पेक्टर आलोक कुमार मौर्य और इंस्पेक्टर नीतू कुमार की टीम ने एसीपी आशीष कुमार के निर्देशन में गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 14 जून को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से शबीर चौधरी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे दिल्ली लाकर पूछताछ की गई। आरोपी के कब्जे से एक एक्सयूवी-700 कार और एक स्कूटी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार शबीर चौधरी, हाशिम बाबा और अनवर खान उर्फ चाचा के साथ मिलकर एक संगठित अपराध सिंडिकेट का संचालन करता था। यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा सहित उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना क्षेत्र में हत्या, रंगदारी, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन अपराधों में सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से भी नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
स्पेशल सेल पहले ही इस मकोका मामले में गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें हाशिम बाबा, अनवर खान उर्फ चाचा, जोया खान, समीर उर्फ बाबा, सलीम पिस्टल, हर्षपाल सिंह उर्फ रूबल और इलियास सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार शबीर चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और 1990 के दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। वर्ष 2008 में अपने भाई की हत्या के बाद उसने आपराधिक गतिविधियां और तेज कर दीं। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कई कुख्यात अपराधियों से हुई, जिसके बाद उसने संगठित अपराध का नेटवर्क और मजबूत किया। वर्तमान में वह वर्ष 2024 के मकोका मामले के अलावा वर्ष 2022 के आर्म्स एक्ट मामले में अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के तहत भी वांछित था।
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