डीजीपी राजीव कृष्ण बैठक में रहे मौजूद, नई दिल्ली में यूपीएससी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक; गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद मिलेगा औपचारिक आईपीएस कैडर
उत्तर प्रदेश के प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) संवर्ग के 30 वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति देने के प्रस्ताव पर विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) ने मुहर लगा दी है। नई दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के मुख्यालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण समेत राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस फैसले को प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
किन बैचों के अधिकारियों को मिली पदोन्नति
डीपीसी की इस सूची में मुख्य रूप से 1997, 1998, 1999 और 2000 बैच के पीपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। नियमों के मुताबिक रिक्त पदों की संख्या से तीन गुना अधिक नामों का प्रस्ताव यूपीएससी को भेजा जाता है, ताकि सेवा रिकॉर्ड, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) और किसी भी लंबित विभागीय या सतर्कता जांच की गहन समीक्षा के बाद अंतिम सूची तय की जा सके। इसी प्रक्रिया के तहत बीते कुछ हफ्तों से शासन और डीजीपी मुख्यालय स्तर पर तैयारी चल रही थी, जिसके बाद अब डीपीसी ने 30 अधिकारियों के नाम पर सहमति दे दी है।
अब आगे क्या होगा
डीपीसी की संस्तुति के बाद इन सभी अधिकारियों की सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। गृह मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा औपचारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी होते ही ये सभी 30 अधिकारी आधिकारिक रूप से आईपीएस कैडर का हिस्सा बन जाएंगे। इसके बाद इन्हें प्रदेश में नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
पदोन्नत होने वाले सभी 30 अधिकारियों की सूची
1.सुरेश चंद्र रावत
2.शोएब इकबाल
3.राहुल मिठास
4.आलोक कुमार शर्मा
5.राज कुमार-I
6.महेश सिंह अत्री
7.विनीत भटनागर
8.जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव
9.शशि शेखर सिंह
10.कुलदीप सिंह-I
11.ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद
12.हरेंद्र प्रताप यादव
13.वंश राज सिंह यादव
14.डॉ. कृष्ण गोपाल
15.मधुबन कुमार सिंह
16.कपिल देव सिंह
17.बलवंत कुमार चौधरी
18.राहुल श्रीवास्तव
19.राजेश कुमार पाण्डेय-I
20.प्रीति बाला गुप्ता
21.विकास चन्द्र त्रिपाठी
22.पूर्णेंदु सिंह
23.हरेंद्र कुमार
24.मार्तण्ड प्रकाश सिंह
25.अभय नाथ त्रिपाठी
26.पवित्र मोहन त्रिपाठी
27.देवेश कुमार शर्मा
28.प्रशांत कुमार प्रसाद
29.डॉ. अरविंद कुमार
30.सिद्धार्थ वर्मा
पृष्ठभूमि: कई हफ्तों से चल रही थी कवायद
गौरतलब है कि यह पूरी प्रक्रिया वर्ष 2026 में आईपीएस कैडर में खाली पड़े पदों को भरने के लिए चलाई जा रही थी। शासन और डीजीपी मुख्यालय की ओर से रिक्त पदों के सापेक्ष कहीं अधिक नामों का प्रस्ताव यूपीएससी को पहले ही भेजा जा चुका था, ताकि स्क्रूटनी के बाद अंतिम सूची बिना किसी अड़चन के तैयार हो सके। इस सूची में महिला अधिकारियों की मौजूदगी को भी पुलिस विभाग में महिला नेतृत्व मजबूत होने के रूप में देखा जा रहा है।
यह पदोन्नति प्रक्रिया उस समय पूरी हुई है जब उत्तर प्रदेश को हाल ही में राजीव कृष्ण के रूप में चार साल बाद पूर्णकालिक डीजीपी मिला है। 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण ने डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही विभाग में लंबित पदोन्नतियों को गति देने पर जोर दिया है। राज्य सरकार भी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित पदोन्नतियों को समय से पूरा करने के निर्देश दे चुकी है, जिसका सीधा लाभ पुलिस महकमे को मिलता दिख रहा है। विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के बीच इस फैसले से उत्साह का माहौल है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर पदोन्नति मिलने से न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है, बल्कि अनुभवी अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपकर प्रशासनिक मजबूती भी मिलती है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय गृह मंत्रालय की औपचारिक अधिसूचना पर टिकी हैं, जिसके जारी होने के साथ ही यह पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह से अमल में आ जाएगी।

