वेनेज़ुएला बुधवार रात आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद भीषण मानवीय त्रासदी से जूझ रहा है। राजधानी काराकस और उससे सटे ला गुएरा, अरागुआ, काराबोबो, यारकुय और लारा प्रांतों में दर्जनों इमारतें मलबे में बदल गई हैं, और बचाव दल मलबे में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए दिन-रात जुटे हैं।
दो भूकंप, एक मिनट के भीतर
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्था (USGS) के अनुसार बुधवार शाम स्थानीय समय 6 बजे काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में मोरोन शहर के पास 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, और एक मिनट से भी कम समय बाद उसी इलाके में 7.5 तीव्रता का दूसरा, और भी शक्तिशाली झटका महसूस हुआ। वैज्ञानिकों ने इसे दुर्लभ “डबलट” भूकंप बताया है — यानी एक-दूसरे से बहुत कम समय और दूरी पर आए दो बड़े भूकंप। USGS के अनुसार यह 1900 के बाद वेनेज़ुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है, जब 7.7 तीव्रता का झटका दर्ज हुआ था। भूकंप के बाद से सौ से अधिक झटके (आफ्टरशॉक) भी महसूस किए जा चुके हैं, और भूवैज्ञानिकों ने आगामी दिनों में और झटकों की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक वेनेज़ुएला कैरिबियाई और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर एक सक्रिय भ्रंश क्षेत्र (फॉल्ट ज़ोन) में स्थित है, और काराकस शहर एक गहरी अवसादी घाटी (सेडिमेंटरी बेसिन) में बना है, जिससे भूकंपीय लहरों का प्रभाव और बढ़ जाता है।
मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
वेनेज़ुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने गुरुवार शाम बताया कि मृतकों की संख्या लगभग 235 तक पहुंच गई है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है और कई का ऑपरेशन करना पड़ा है। इससे पहले राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज़ ने 188 मृतक, 1,520 घायल और 157 लापता लोगों का आंकड़ा दिया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा अंतिम नहीं है और मलबा हटाए जाने के साथ इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है। USGS ने अपने पूर्वानुमान मॉडल के आधार पर चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या हज़ारों में जा सकती है, और इसके 10,000 से अधिक होने की भी काफी संभावना जताई गई है संस्था ने इस आधार पर “रेड अलर्ट” जारी किया है। आर्थिक नुकसान भी अरबों डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
ला गुएरा सबसे बुरी तरह प्रभावित
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने देश में आपातकाल की घोषणा करते हुए बताया कि काराकस के उत्तर में स्थित तटीय राज्य ला गुएरा सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है और इसे आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक मानवीय एजेंसी के मुताबिक ला गुएरा में सौ से अधिक इमारतें ध्वस्त हो गईं। काराकस के प्रमुख साइमन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक हिस्से की छत गिरने से वह बंद कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने भूकंप के दौरान के भयावह अनुभव साझा किए हैं दीवारों में दरारें पड़ने, सीढ़ियां टूटने और इमारतों के आंखों के सामने ढहने की घटनाओं का ज़िक्र किया गया है। चूंकि बुधवार वेनेज़ुएला में 1821 की ऐतिहासिक लड़ाई की याद में सार्वजनिक अवकाश था, इसलिए अधिकतर लोग भूकंप के समय अपने घरों में ही मौजूद थे। विशेषज्ञों का कहना है कि देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी भूकंप-प्रवण इलाकों में रहती है, जहां कई मकान, खासकर अनियमित बस्तियों के, तेज़ भूकंप झेलने के लिहाज से मज़बूत नहीं बनाए गए हैं।
बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय मदद
मलबे में फंसे सैकड़ों लोगों को बचाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ-साथ अमेरिका, मेक्सिको, स्पेन, अल साल्वाडोर, कोलंबिया, इक्वाडोर, डोमिनिकन रिपब्लिक, ब्राज़ील, चिली, कतर और अन्य देशों से बचाव दल और राहत सामग्री भेजी जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका तुरंत खोज-बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता वेनेज़ुएला भेज रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सहायता का भरोसा दिलाया है। ग़ौरतलब है कि यह आपदा ऐसे समय आई है जब जनवरी में अमेरिकी सेना द्वारा वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद से वाशिंगटन और काराकस के संबंधों में एक नया मोड़ आया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबॉम ने भी बचाव दल और स्वास्थ्यकर्मी भेजने की घोषणा की है, जबकि अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति ने सैकड़ों बचावकर्मियों और दर्जनों टन उपकरण व दवाइयां भेजने की बात कही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विश्व नेताओं ने भी संवेदना व्यक्त की है। रोड्रिगेज़ प्रशासन ने क्षतिग्रस्त अस्पतालों और घरों के पुनर्निर्माण के लिए 20 करोड़ डॉलर के विशेष कोष का भी एलान किया है।
बच्चों पर खतरा, सूचना तक पहुंच सीमित
संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि भूकंप-प्रभावित इलाकों में लगभग 3.9 करोड़ बच्चे रहते हैं और आने वाले दिनों में वे चोट, परिवार से बिछड़ने, विस्थापन और स्वास्थ्य-शिक्षा सेवाओं में रुकावट जैसी समस्याओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होंगे। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र की एक तथ्य-खोज मिशन ने वेनेज़ुएला सरकार से मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लगी पाबंदियां जल्द हटाने की अपील की है, यह कहते हुए कि संकट की इस घड़ी में सही सूचना तक पहुंच जीवन-मृत्यु का सवाल बन सकती है। देश में अब भी बड़े झटकों की आशंका बनी हुई है USGS के मुताबिक आने वाले एक सप्ताह में 6 तीव्रता या उससे अधिक का भूकंप आने की 40 प्रतिशत संभावना है। ऐसे में लाखों लोग एहतियातन खुले में या अस्थायी शिविरों में रात गुज़ार रहे हैं, जबकि बचाव दल मलबे के नीचे अब भी जीवन की उम्मीद में खुदाई जारी रखे हुए हैं।
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