केरल लॉटरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले साइबर गैंग का भंडाफोड़, नोएडा से 10 गिरफ्तार

साइबर सेल और थाना फेस-3 की संयुक्त कार्रवाई में रात 1:30 बजे दबोचे गए आरोपी, कर्नाटक-आंध्र प्रदेश के पीड़ितों से हर व्यक्ति से ढाई लाख तक की ठगी

पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। साइबर सेल नोएडा और थाना फेस-3 की संयुक्त टीम ने केरल लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक संगठित साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कैसे हुआ खुलासा?

पुलिस को समन्वय पोर्टल और NCRP (नेशनल साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल) पर लगातार 18 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये शिकायतें कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से दर्ज हो रही थीं, लेकिन इनसे जुड़े फोन कॉल नोएडा से किए जा रहे थे। साइबर सेल ने जब संदिग्ध मोबाइल नंबरों, IMEI और बैंक खातों की गहन जांच की तो पता चला कि यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। ठगी का पैसा जैसे ही किसी खाते में आता था, उसे फौरन नए खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था और पुराना खाता बंद कर दिया जाता था।

क्या था ठगी का तरीका?

यह गैंग केरल लॉटरी के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। विज्ञापन देकर लोगों को लॉटरी में भाग लेने के लिए महज 50 रुपए की फीस देने का लालच दिया जाता था। जब कोई व्यक्ति फोन करके लॉटरी के बारे में पूछता था, तो उसी शाम ड्रॉ निकालने का नाटक किया जाता था और हर व्यक्ति को यह बताया जाता था कि उनका नाम लकी ड्रॉ में आया है तथा वे 12 लाख रुपए जीत चुके हैं। इसके बाद शुरू होता था असली खेल। ठग पीड़ित को चरण-दर-चरण लूटते थे। पहले चरण में GST क्लीयरेंस और TDS कटौती के नाम पर पैसे मांगे जाते थे और उसके बदले फर्जी सर्टिफिकेट थमाया जाता था। दूसरे चरण में इनकम टैक्स क्लीयरेंस का बहाना बनाया जाता था। तीसरे चरण में भारतीय रिज़र्व बैंक की अनुमति का हवाला देकर और रकम ऐंठी जाती थी। इस तरह एक-एक पीड़ित से औसतन 2 से 2.5 लाख रुपए तक वसूल लिए जाते थे। जैसे ही पीड़ित से पर्याप्त रकम ले ली जाती थी, उस सिम कार्ड को ब्लॉक करके नए नंबर से काम शुरू हो जाता था।

रात के अंधेरे में दबिश, 10 गिरफ्तार

साइबर सेल की टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की तो वे नोएडा स्थित एक फ्लैट में मिले। 17-18 की दरमियानी रात लगभग 1:30 बजे थाना फेस-3 पुलिस और साइबर टीम ने साईं प्रॉपर्टी के पास फ्लैट नंबर 302 पर दबिश दी और मौके पर ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने क्या कहा?

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। पीड़ितों को चरणबद्ध तरीके से मानसिक रूप से जकड़ा जाता था ताकि वे एक बार जाल में फंसने के बाद बाहर न निकल सकें। सभी गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अन्य संभावित सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

सावधान रहें, ये ठगी के संकेत पहचानें

हाल के महीनों में लॉटरी का लालच देकर या KYC अपडेट के नाम पर फोन कर लोगों की निजी जानकारी और पैसे दोनों ठगने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। Money9live पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी अनजान कॉल पर लॉटरी जीतने का झांसा मिले तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी सरकारी टैक्स, GST या RBI क्लीयरेंस के नाम पर मांगी गई रकम का भुगतान न करें और तत्काल NCRP पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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