तृणमूल कांग्रेस पर बगावत का तूफान: कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक को TMC के 625 करोड़ के खाता फ्रीज करने की चिट्ठी लिखी, गहरे संकट में ममता बनर्जी

कोलकाता से विशेष रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अप्रैल-मई 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के करारे नुकसान के बाद सांसदों और विधायकों की बगावत के बाद अब उन्हें अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने बड़ा झटका दिया है । बिस्वास ने खुद अपनी ही पार्टी के HDFC बैंक खाताओं को तुरंत फ्रीज करने के लिए बैंक को एक पत्र लिख दिया है, जिससे ममता बनर्जी पार्टी फंड तक नहीं ले पाएंगी ।

पत्र में क्या लिखा अरूप बिस्वास ने

अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की कोलकाता की सेंट्रल प्लाजा शाखा के मैनेजर को भेजे गए पत्र में पार्टी के अंदर मचे घमसान के बारे में बैंक अधिकारियों को अवगत कराया है । उन्होंने पत्र में लिखा है: पार्टी के अंदर इस समय भारी विद्रोह मचा हुआ है, TMC के 20 of 28 सांसदों और 58 of 60 विधायकों ने पार्टी छोड़ चुके हैं या खुलेआम पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है पार्टी के अंदर मचे इस घमासान के बीच अब इस बात को लेकर कानूनी और सांगठनिक विवाद खड़ा हो गया है कि वास्तव में पार्टी और उसके संसाधनों पर किसका कानूनी अधिकार है, बिस्वास ने पत्र में लिखा, *”मैं एक मजबूत और बॉन फाईड अल्पसैनिकता (strong and bona fide apprehension) रखता हूं कि उपरोक्त (अर्थात बगावत करने वाले नेताओं) द्वारा हस्ताक्षरित चेक, यदि वर्तमान में प्रचलन में हैं या अधिकार के विवाद में हैं, तो उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है…” उन्होंने आगे कहा, *”संगठन के फंडों की सुरक्षा करने और किसी भी अनधिकृत निकालने, हस्तांतरित करने से रोकने के लिए… मैं आपके अच्छे कार्यालय से अनुरोध करता हूं कि निम्नलिखत खाता के संबंध में स्थिति बनाए रखें और किसी भी डेबिट लेनदेन या संचालनात्मक नियमों में बदलाव की अनुमति न दें…” बैंक खातों में जमा कुल राशि: **₹6,25,79,87,264** (625 करोड़ 79 लाख 87 हजार 264 रुपये)[3]

TMC का बड़ा झटका: बिस्वास को कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया

TMC सूत्रों का कहना है कि 5 जून, 2026 को हुई TMC की नेशनल वर्किंग कमिटी की बैठक में अरूप बिस्वास को कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया । उनकी जगह पूर्व सांसद  सुभाशीष चक्रवर्ती को नियुक्त किया गया है । मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, बिस्वास को 1 जून को हटाया गया था और सुभाशीष चक्रवर्ती को उनका स्थान दिया गया । वहीं, अरूप बिस्वास द्वारा बैंक को भेजे गए पत्र की तारीख  11 दिन बाद  (17 जून) थी । इसके बाद TMC ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने खाताओं को फ्रीज करने का कोई आदेश नहीं दिया है । अरूप बिस्वास ने टॉलीगंज सीट से चुनाव हारा था, जो पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था ।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं:

| नेता | पार्टी | प्रतिक्रिया |

|——|——-|————-|

| मो. मुस्तफ़िज़ुर रहमान | CPI(M) | *”अरूप बिश्वास द्वारा उठाए गए इस कदम पर कहा कि उन्होंने जो किया है, वह सही है। वे समझते हैं कि अकाउंट को फ्रीज करना जारूरी है” |

| हुमायूं कबीर | AJUP प्रमुख व विधायक | ममता बनर्जी की स्थिति ऐसी है कि वे जो भी काम करना चाहती हैं, वह हो नहीं पा रहा है”

15 साल बाद TMC की हार: बगावत का कारण

तृणमूल कांग्रेस को अप्रैल-मई 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के करारे नुकसान के बाद पार्टी में गहरी फूट देखने को मिली है । ममता बनर्जी की पार्टी जो 15 साल से हावी थी को भारी नुकसान हुआ, जहां वे 294 सीटों में से मात्र  80 सीटों पर जीत दर्ज कर पाईं । वहीं भाजपा  200 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया। हार के ठीक बाद तृणमूल के सांसदों और विधायकों का एक ग्रुप पार्टी पर टूट पड़ा, जो ममता बनर्जी की लीडरशिप और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी** (पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव) के हाथों शक्ति के केंद्रित होने पर आलोचना कर रहा था । बगावत करने वाले  20 सांसदों जो दो-तिहारी एंटी-डीफेक्शन सीमा से अधिक हैं ने अब त्रिपुड़ा आधारित राष्ट्रीय सिटिज़ंस पार्टी ऑफ इंडिया के साथ मेल हो चुके हैं और लोयल सभा सदस्य ओम बिड़्ला के साथ भाजपा के साथ समेकित होने के लिए लिखा है ।

चुनाव बाद हिंसा और अंडे का विरोध

चुनावी हार के बाद पश्चिम बंगाल में एक अनोखा राजनीतिक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। भ्रष्टाचार, कट-मनी और दबंगई से नाराज जनता अब टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध जताने के लिए ‘अंडे’ का इस्तेमाल कर रही है। 30 मई 2026 को साउथ 24 परगना के सोनारपुर में घटी घटना में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी  पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ ने अंडे, पत्थर और जूते फेंकने शुरू कर दिए । हालात इतने खराब हुए कि गुस्से में आई भीड़ ने अभिषेक बनर्जी की शर्ट तक फाड़ दी । सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें क्रिकेट हेलमेट पहनाकर उस भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला।

ममता बनर्जी की स्थिति: इस्तीफा नहीं दिया

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल  आर एन रवि ने संविधान प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है । हार के बावजूद अभी तक ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया है । अरूप बिस्वास के इस पत्र से ममता बनर्जी को गहरे संकट में डाल दिया है, जहां वे पार्टी फंड तक नहीं ले पाएंगी । CPI(M) विधायक के समर्थन के बाद यह कदम और भी महत्वपूर्ण हो गया है ।

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