मध्य पूर्व में जारी तनाव अब पूर्ण युद्ध की आहट दे रहा है। अमेरिका ने इरान द्वारा अपने आर्मी Apache हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में इरानी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। इस घटना में दो अमेरिकी पायलटों को एक स्वायत्त समुद्री ड्रोन (Sea Drone) ने बचाया, जो अमेरिकी सेना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार रात (9 जून) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट के निकट अमेरिकी आर्मी का AH-64 Apache अटैक हेलीकॉप्टर इरानी ड्रोन (संभवतः Shahed प्रकार) से टकराने या हमले से गिर गया। दोनों क्रू मेंबर्स पानी में गिरे, लेकिन घायल होने के बावजूद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
समुद्री ड्रोन की भूमिका:
यह बचाव Saronic Corsair नामक 24 फुट लंबे स्वायत्त सतही पोत (Autonomous Surface Vessel – ASV) द्वारा किया गया। यह US Navy के Unmanned Surface Vessel Squadron के तहत Task Force 59 का हिस्सा है, जो बहरीन में आधारित है। Corsair लगभग 1,000 समुद्री मील की रेंज, 35+ नॉट्स की स्पीड और 1,000 पाउंड पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है। यह पहली बार है जब US सैन्य बलों ने समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल पर्सनल रेस्क्यू के लिए किया। Pentagon इस तकनीक को बढ़ावा दे रहा है ताकि सैनिकों को जोखिम से बचाया जा सके। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की कि हेलीकॉप्टर क्षेत्रीय जल में गश्त कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि इरान ने हेलीकॉप्टर गिराया है और अमेरिका को “मजबूत” जवाब देना चाहिए। ट्रंप ने कहा, “यह घटना पिछले अच्छे डील को प्रभावित कर सकती है, लेकिन हम मजबूती से जवाब देंगे।”
US की जवाबी कार्रवाई:
मंगलवार शाम को CENTCOM ने घोषणा की कि US बलों ने “self-defense” के तहत इरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और कंट्रोल स्टेशन्स पर हमले शुरू किए। ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में किए गए। इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि “कोई भी हमला जवाब के बिना नहीं रहेगा” और अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी। यह घटना फरवरी 2026 में शुरू हुए US-इजराइल संयुक्त हमलों के बाद युद्धविराम की नाजुक स्थिति को और बिगाड़ रही है। अप्रैल में पाकिस्तान में हुई बातचीत असफल रही थी, जिसके बाद युद्धविराम बढ़ाया गया लेकिन तनाव बरकरार रहा। इरान ने होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विश्लेषण और प्रभाव:
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल युद्ध के नियम बदल रहा है। यूक्रेन-रूस युद्ध में भी ऐसे ड्रोन ने रूसी जहाजों को नुकसान पहुंचाया था। US Navy अब सैकड़ों Corsair ड्रोन तैनात करने की योजना बना रहा है, जो निगरानी, माइन डिटेक्शन और यहां तक कि हमले के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इस घटना से वैश्विक बाजार भी प्रभावित हुए हैं। तेल की कीमतें बढ़ी हैं और स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह युद्धविराम की उम्मीदों को झटका दे रहा है। इरान ने हमले को “साझा जल क्षेत्र में दुर्घटना” बताया है, जबकि US इसे “अनुचित आक्रामकता” मान रहा है। आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ट्रंप प्रशासन ने मजबूत जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है, लेकिन पूर्ण युद्ध से बचने के प्रयास भी जारी बताए जा रहे हैं। यह घटना 2026 के इरान युद्ध को नई दिशा दे सकती है, जहां ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियां निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

