राजधानी दिल्ली में इस बार वन महोत्सव 2026 को अनूठे अंदाज में मनाने की तैयारी है। दिल्ली वन विभाग ने “ट्री ऑन व्हील” नामक एक नवाचारी अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत विशेष रूप से सुसज्जित वाहन दिल्लीवासियों के घरों तक पहुँचकर उन्हें मुफ्त पौधे वितरित करेंगे। यह पहल प्रदूषण से जूझती राजधानी को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या है ‘ट्री ऑन व्हील’ योजना?
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष वन महोत्सव को केवल एक सरकारी आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। ‘ट्री ऑन व्हील’ के अंतर्गत विशेष वाहनों को पौधों से सजाकर दिल्ली के विभिन्न मोहल्लों, कॉलोनियों और आवासीय इलाकों में भेजा जाएगा। नागरिक इन वाहनों से सीधे अपनी पसंद के पौधे नि:शुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इस अभियान के तहत औषधीय, देशी और सजावटी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति अपनी पसंद की प्रजाति के अनुसार बिना किसी शुल्क के पाँच पौधे तक प्राप्त कर सकता है। वाहनों का रूट शेड्यूल वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि नागरिक अपने नजदीकी स्थान की जानकारी पहले से ले सकें।
ऑनलाइन पोर्टल से बुक करें पौधे
केवल वाहन ही नहीं, इस बार वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जिसके माध्यम से दिल्लीवासी मुफ्त पौधे बुक कर सकेंगे। आवेदकों को प्राप्त पौधे के साथ सेल्फी खींचकर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिससे विभाग पौधारोपण की प्रगति को ट्रैक कर सके। यह डिजिटल पहल न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी, बल्कि नागरिकों में जवाबदेही की भावना भी जागृत करेगी।
70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने वन महोत्सव 2025-26 के तहत पूरे शहर में 70 लाख से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अभियान को केवल एक आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक हरित चेतना को जगाने का आंदोलन बताया है। यह अभियान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वायु प्रदूषण शमन योजना का एक प्रमुख स्तंभ है।
हर विधानसभा में होंगे कार्यक्रम
वन महोत्सव की खासियत यह है कि इसे दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत रूप से आयोजित किया जाएगा। स्थानीय विधायक, पार्षद और सांसद वार्ड स्तर पर आयोजित अभियानों की निगरानी करेंगे। RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के सदस्य और इको क्लब के विद्यार्थी भी इस महाअभियान में भागीदार बनेंगे।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ — भावनाओं से जुड़ा अभियान
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने घरों, स्कूलों, कार्यस्थलों और सामुदायिक क्षेत्रों में पेड़ लगाने की अपील की और इसे एक साझा जिम्मेदारी बताया जो सीधे आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सहित 20 न्यायाधीशों के साथ दिल्ली रिज में एक विशाल वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। यह इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण संरक्षण का यह आंदोलन अब राजनीतिक और न्यायिक क्षेत्रों की सीमाएँ पार कर एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
वन महोत्सव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वन महोत्सव की शुरुआत 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री कनैयालाल माणिकलाल मुंशी ने राजघाट, दिल्ली में पेड़ लगाकर की थी। ‘वन’ का अर्थ है जंगल और ‘महोत्सव’ का अर्थ है उत्सव — यानी यह एक सप्ताह का वृक्षारोपण पर्व है, जो प्रतिवर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है। वन महोत्सव 2026 की थीम “पेड़ लगाओ, धरती बचाओ” (Plant Trees, Save Earth) रखी गई है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी की जरूरत को रेखांकित करती है।
दिल्लीवासी कैसे उठाएं लाभ?
दिल्ली सरकार की नर्सरियों से आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं। आईटीओ स्थित सरकारी नर्सरी से 2010 से निशुल्क पौधे दिए जा रहे हैं, जहाँ से सालाना 2 लाख से अधिक पौधे वितरित होते हैं। अब ‘ट्री ऑन व्हील’ के आने से यह सुविधा और भी सुलभ हो गई है, नागरिकों को नर्सरी तक जाने की भी जरूरत नहीं रहेगी।
विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ट्री ऑन व्हील’ जैसी पहल तब और प्रभावी होगी जब पौधा देने के साथ-साथ उसकी देखभाल का भी जिम्मा सुनिश्चित किया जाए। शोध बताते हैं कि 50 वर्ष जीवित रहने वाला एक औसत पेड़ अपने जीवनकाल में समाज को ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ तक का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ देता है, ऑक्सीजन उत्पादन, वायु प्रदूषण नियंत्रण और भूजल संरक्षण के रूप में। ऐसे में हर एक पौधा सच में अनमोल है।
नई दिल्ली। वन महोत्सव 2026 केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजधानी की हवा, मिट्टी और भविष्य को बचाने का एक जन-आंदोलन है। ‘ट्री ऑन व्हील’ की सीटी बजते ही दिल्ली की गलियों में हरियाली की एक नई लहर दस्तक देने को तैयार है — बस जरूरत है हर नागरिक के एक छोटे से कदम की।

