यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहे परिवारों के लिए राहत का पल अचानक दहशत में बदल गया। जेवर टोल प्लाजा के निकट स्थित शिवा ढाबे में प्याज वाली सब्जी परोसने को लेकर हुए साधारण से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ढाबे के स्टाफ ने न केवल ग्राहकों को धमकाया बल्कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 30 अप्रैल की इस घटना की जानकारी दिल्ली गेट, आगरा निवासी विवेक अग्रवाल ने 1 मई को सोशल मीडिया के माध्यम से थाना जेवर पुलिस को दी, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 10 मई को विवेक अग्रवाल ने पुलिस कमिश्नर को ई-मेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर विस्तृत शिकायत भेजी। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर थाना जेवर पुलिस ने ढाबे के मालिक शिवा समेत 15-20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है।
घटना क्या थी?
विवेक अग्रवाल अपने परिवार सहित जेवर टोल प्लाजा के पास शिवा ढाबे पर भोजन के लिए रुके थे। ऑर्डर देते समय उन्होंने स्पष्ट रूप से सब्जी बिना प्याज के देने का अनुरोध किया था। हालांकि, परोसी गई सब्जी में प्याज थी। जब ग्राहक ने इसे वापस करने से इंकार कर दिया तो स्टाफ ने बिल थमा दिया। विवाद बढ़ने पर ढाबे के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 15-20 हो गई। वे झगड़े के मूड में आ गए और महिलाओं के साथ अभद्रता की सीमा पार कर गए। शिकायत के अनुसार, स्टाफ ने कहा, “यहां के मालिक हम हैं, बिल के पूरे पैसे दो, वरना जबरन बैठाकर ऐसी-तैसी कर देंगे।” घर लौटने के बाद विवेक अग्रवाल ने ढाबे के मालिक शिवा से फोन पर शिकायत की, लेकिन मालिक ने न केवल गलती मानने से इनकार कर दिया बल्कि यह भी कहा कि “सारा पुलिस महकमा यहां फ्री में रोटियां खाता है और मैं हर तरफ से उन्हें संतुष्ट करता हूं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
पुलिस की भूमिका और जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, घटना के करीब एक माह बाद FIR दर्ज होने से पीड़ित परिवार में आक्रोश है। उन्होंने पूछा है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रारंभिक शिकायत पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सड़क किनारे ढाबों में बढ़ती मनमानी
यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल खड़े करती है। एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के आसपास स्थित ढाबे अक्सर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते दिखते हैं। प्याज जैसी छोटी सी बात पर इतना बड़ा विवाद और महिलाओं के साथ अभद्रता न केवल शर्मनाक है बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कई ढाबों में स्टाफ की मनमानी आम है। कुछ यात्रियों ने अनाम रूप से बताया कि बिना वजह ज्यादा बिल वसूलना, खराब खाना परोसना और विरोध करने पर धमकाना यहां की आदत बन चुकी है। प्रशासन को इस दिशा में सख्ती बरतनी चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल होने के बाद कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे ‘सड़क पर महिलाओं के सम्मान का मुद्दा’ बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत FIR दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क यात्रा के दौरान छोटी-छोटी बातों से विवाद बढ़ सकता है। यात्रियों को भी सतर्क रहना चाहिए और जहां संभव हो वहां रिकॉर्डिंग या गवाहों की मदद लेनी चाहिए। वहीं, ढाबा संचालकों को भी याद रखना चाहिए कि ग्राहक ही उनका भगवान है, न कि शिकार। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। नवभारत टाइम्स इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और आगे की जानकारी मिलते ही पाठकों तक पहुंचाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि।

