कबूतर मार्केट में छापेमारी, 863 पक्षी और जानवर रेस्क्यू

New Delhi news  सेंट्रल जिला पुलिस ने पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए), वर्ल्ड वाइड एनिमल और वन एवं वन्यजीव विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए जामा मस्जिद स्थित कबूतर मार्केट की विभिन्न पालतू पशु-पक्षी दुकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 863 पक्षी और जानवर बरामद/रेस्क्यू किए गए, जिनमें प्रथम दृष्टया संरक्षित एवं प्रतिबंधित श्रेणी के 431 पक्षी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को पीएफए को कबूतर मार्केट में संरक्षित पक्षियों और जानवरों की कथित अवैध बिक्री, कब्जे और उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखने की सूचना मिली थी। इसके बाद जामा मस्जिद थाना पुलिस ने पीएफए, वर्ल्ड वाइड एनिमल और दिल्ली वन एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त छापेमारी की।

*431 संरक्षित पक्षी बरामद*

कार्रवाई के दौरान 72 प्लम हेडेड पैराकीट, 183 रिंग नेक पैराकीट, 63 एलेक्जेंड्राइन पैराकीट और 113 मुनिया पक्षी बरामद किए गए। इन 431 संरक्षित/अनुसूचित पक्षियों को वन एवं वन्यजीव विभाग के समन्वय से वर्ल्ड वाइड एनिमल ने जब्त किया।
इसके अलावा 148 बजरीगर, 57 कॉकटेल, 96 लव बर्ड, 18 गिनी पिग, 9 ग्रे गिलहरी, 41 सफेद चूहे, 11 खरगोश और 52 गैर-संरक्षित पैराकीट व अन्य पालतू पक्षी भी बरामद किए गए। कुल 432 अन्य पक्षियों और जानवरों को भीड़भाड़, गंदगी और अमानवीय परिस्थितियों से रेस्क्यू किया गया।

*पांच लोग आरोपी के रूप में चिन्हित*

पुलिस ने इकबाल खान, आकाश, कानी राम, मोहम्मद आदिल खान और राशिद खान को बरामद पक्षियों एवं जानवरों के कब्जे/नियंत्रण से जुड़े आरोपी के रूप में चिन्हित किया है। पांचों को कानून के अनुसार पाबंद किया गया।
इस मामले में पीएफए से जुड़े एक कार्यकर्ता की शिकायत और बरामदगी के आधार पर एफआईआर संख्या 432/2026 जामा मस्जिद थाने में दर्ज की गई है। मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की धाराओं 9/39/44/49/50/51, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 325/3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस अब पक्षियों और जानवरों के स्रोत, खरीद, परिवहन, बिक्री तथा वितरण से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। अन्य दुकानों, आपूर्तिकर्ताओं और कारोबार में शामिल लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस उपायुक्त, सेंट्रल जिला रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई अवैध वन्यजीव व्यापार पर रोक लगाने, वन्यजीवों की सुरक्षा और पशु क्रूरता की रोकथाम के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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