नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सफ़र का समय एक घंटे से घटकर होगा महज़ 10-12 मिनट, यातायात जाम से लाखों लोगों को मिलेगी राहत
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जनपद में बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर एक बड़ी ख़बर है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच संपर्क को सुगम बनाने के लिए चल रही दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं, 130 मीटर चौड़ी सड़क पर फ्लाईओवर और हिंडन नदी पर नवनिर्मित छह लेन का पुल को 15 जून 2026 तक पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। यह समयसीमा इसलिए भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि उसी दिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से पहली वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होनी हैं।

हिंडन नदी पर छह लेन का पुल : तैयार है, बस एप्रोच रोड का इंतज़ार
नोएडा के सेक्टर-146 के सामने हिंडन नदी पर बनाया गया यह छह लेन का पुल पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा कराया गया है और पुल की लंबाई करीब 200 मीटर है। इस पुल के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब एक घंटे से घटकर महज 10 से 12 मिनट रह जाएगा। वर्तमान में नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए लोगों को परी चौक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे अथवा अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ता है, जिसमें जाम में फँसने पर काफी समय बर्बाद होता है। हिंडन पुल को सेक्टर-145 की 45 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ने के लिए 810 मीटर लंबी एप्रोच रोड बनाई जा रही है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा यह कार्य 10 फरवरी 2024 को शुरू हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, एप्रोच रोड का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस निर्माण पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
2019 में रखी गई थी नींव, अब दिख रहा सपना पूरा होते
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। हालांकि, बीच में प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। करीब डेढ़ वर्ष पहले दोबारा गति मिलने के बाद अब पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
ग्रेटर नोएडा की तरफ भूमि अधिग्रहण बनी है बड़ी बाधा
जहाँ नोएडा की ओर निर्माण तेजी से पूरा हो रहा है, वहीं ग्रेटर नोएडा की तरफ कुछ भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याएँ अभी भी बनी हुई हैं। नॉलेज पार्क-3 से हिंडन पुल तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है। इस सड़क का लगभग 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ खसरा नंबरों की जमीन का अधिग्रहण नहीं होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस अड़चन को जल्द सुलझाने का प्रयास कर रहा है और इस हिस्से को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अंडरपास से सीधा जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा सेक्टर-146 में बन रहा अंडरपास है। इसके जरिए वाहन सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से उतरकर नए लिंक रोड और हिंडन पुल तक पहुँच सकेंगे। अंडरपास और लिंक रोड शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे, सेक्टर-145, सेक्टर-146, नॉलेज पार्क और एलजी गोलचक्कर क्षेत्र के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही परी चौक और अन्य व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
130 मीटर रोड को सुरक्षित बनाने की ₹7.10 करोड़ की योजना
नोएडा और ग्रेनो वेस्ट से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली 130 मीटर रोड को सुरक्षित बनाने के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने 7.10 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस सड़क की री-सर्फेसिंग, स्पीड ब्रेकर की मरम्मत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बस कॉरिडोर को अंतिम रूप देने का काम भी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और गाजियाबाद से वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, इसीलिए जरूरी है कि सड़क को वाहनों के बढ़ते दबाव के लिए तैयार और सुरक्षित बनाया जाए।
नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून को उड़ेगी पहली IndiGo फ्लाइट
इस पूरी अवसंरचना विकास की पृष्ठभूमि में जेवर हवाई अड्डे की भूमिका केंद्रीय है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रबंधन ने आधिकारिक घोषणा की है कि 15 जून 2026 से यहाँ से व्यावसायिक उड़ान सेवाएँ शुरू होंगी और पहली कमर्शियल फ्लाइट IndiGo द्वारा संचालित की जाएगी, जिसके बाद अन्य एयरलाइंस भी अपनी सेवाएँ धीरे-धीरे शुरू करेंगी। इस एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू किया जाएगा। प्रथम चरण में चार मार्गों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।
आगे की राह : एयरपोर्ट तक सीधी पहुँच के लिए बड़ी योजनाएँ
130 मीटर रोड के विस्तार से गाजियाबाद, मेरठ और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वे परी चौक पर जाम में फँसे बिना सीधे नोएडा एयरपोर्ट पहुँच सकेंगे। साकीपुर-तिलपता के बीच बन रहे फ्लाईओवर के चालू होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन और आसान हो जाएगा। 130 मीटर सड़क को दनकौर क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के शेष अधिसूचित क्षेत्र व यीडा क्षेत्र से जोड़ने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा। इसके बाद यीडा इस सड़क को पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे, जीटी रोड, यमुना एक्सप्रेसवे लिंक रोड, एयरपोर्ट कार्गो टर्मिनल और गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट की कमर्शियल उड़ानों और नई सड़क परियोजनाओं के एक साथ शुरू होने से इस पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट, व्यापार और रोज़गार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 15-20 लाख की आबादी के लिए यह ढाँचागत बदलाव दैनिक जीवन में रोज़ के जाम से निजात दिलाने वाला साबित होगा।
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