Eid-ul-Adha : लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को अकीदत, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
Eid-ul-Adha
लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह में सुन्नी समुदाय की नमाज मौलाना खालिद रशीदी फरंगी महली ने अदा कराई। नमाज के बाद उन्होंने देश और दुनिया में अमन, शांति, भाईचारे और खुशहाली की दुआ कराई। वहीं शिया समुदाय के लोगों ने बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसफी मस्जिद में नमाज अदा कर देश की तरक्की और सामाजिक सद्भाव की कामना की।

धर्मगुरुओं ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद त्याग, बलिदान, इंसानियत और अल्लाह की राह में कुर्बानी का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने तथा समाज में प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। कई जिलों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई।

लखनऊ की टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। यहां भी पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की गई और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती गई।
बहराइच में सुबह से उमड़ी नमाजियों की भीड़
भीषण गर्मी को देखते हुए बहराइच जिले में नमाज का समय सुबह निर्धारित किया गया था। सुबह होते ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ने लगी। मरकजी ईदगाह सलारगंज में हजारों लोगों ने नमाज अदा कर अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोग कब्रिस्तानों में पहुंचे और अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी।
अयोध्या में हजारों हाथ उठे अमन-चैन की दुआ के लिए
रामनगरी अयोध्या में सिविल लाइन ईदगाह सहित जिले की 111 ईदगाहों और 211 मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। हजारों नमाजियों ने एक साथ मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ।
गोंडा में ईदगाह की छतों तक पहुंचे नमाजी
गोंडा जिले में नमाजियों की भारी भीड़ के चलते कुछ ईदगाहों में जगह कम पड़ गई। शहर के पटेलनगर स्थित ईदगाह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिसके कारण कई लोगों को ईदगाह की छतों पर नमाज अदा करनी पड़ी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम की निगरानी की।
रायबरेली, बलरामपुर और सुल्तानपुर में भी दिखा उत्साह
रायबरेली में ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर लोगों ने देश की खुशहाली की दुआ मांगी। बलरामपुर में सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ देखने को मिली। वहीं सुल्तानपुर में ईदगाह मैदान में हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर अमन और भाईचारे का संदेश दिया।

अमेठी और बाराबंकी में दिखी सामाजिक समरसता
अमेठी में जामा मस्जिद सहित विभिन्न ईदगाहों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद विभिन्न वर्गों के लोगों ने मुस्लिम समुदाय को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। बाराबंकी में भी हजारों लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज पढ़कर देश में शांति, एकता और खुशहाली की दुआ मांगी।
कुर्बानी और मेहमाननवाजी का रहा दौर
नमाज के बाद प्रदेशभर में कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। घरों में पारंपरिक व्यंजन और सेवइयां तैयार की गईं। लोगों ने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से मुलाकात कर त्योहार की खुशियां साझा कीं। कई स्थानों पर राहगीरों और नमाजियों के लिए ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था भी की गई।
प्रदेशभर में प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। त्योहार ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, इंसानियत और आपसी एकता का संदेश दिया।
Eid-ul-Adha

