घिस घिस घिस बनाम किस्सिक: नया बॉलीवुड आइटम नंबर विवाद में नहीं, पर सुर्खियों में क्या है असलियत?

बॉलीवुड की आगामी मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म “वेलकम टू द जंगल” के हालिया रिलीज हुए आइटम नंबर “घिस घिस घिस” के चलते हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तुलना और चर्चाओं का तूफ़ान छिड़ गया है। कुछ दर्शक और फिल्मप्रेमी इसे साउथ की हिट ट्रैक “किस्सिक” (पुष्पा 2) से मिलते-जुलते तत्वों वाला बताते हुए दोनों गानों को समान मान रहे हैं, वहीं निर्माताओं और म्यूज़िक टीम का दावा है कि “घिस घिस घिस” पूरी तरह से ऑरिजिनल है।

गाना ऑरिजिनल है या कॉपी: निर्माण पक्ष का पक्ष

फिल्म के निर्माताओं और म्यूजिक डायरेक्टर विक्रम मोंट्रोस ने साफ़ किया है कि “घिस घिस घिस” एक ओरिज़िनल डांस नंबर है, जिसे खास तौर पर बॉलीवुड-भोजपुरी फ्यूज़न अंदाज़ में तैयार किया गया है। विक्रम मोंट्रोस के अनुसार गीत की धुन, लैय और वोकल अरेंज उनके मूल रचना पर आधारित हैं और किसी साउथ इंडियन गाने की प्रतिलिपि नहीं है। वे यह भी जोड़ते हैं कि मौसमी और मास ऑडियंस के लिए तैयार ऐसे आइटम नंबर में कुछ साउंड और बीट्स की समानता स्वाभाविक है, क्योंकि दुनियाभर के पॉपुलर डांस ट्रैक समान उर्जा और पाउडर-पंच वाले एलिमेंट साझा करते हैं।

क्यों हुई तुलना: वही वाइब, वही ट्रीटमेंट

कुछ दर्शकों ने “घिस घिस घिस” में हुक स्टेप, बैकग्राउंड म्यूज़िक का लाउड पैटर्न और विज़ुअल प्रेजेंटेशन में “किस्सिक” जैसी साउथ-मसाला फिल्मी वाइब देखी। “किस्सिक” के कम्पोज़र देवी श्री प्रसाद (DSP) की हाई-एनर्जी, रफ़्टार और भारी परकशन वाली मिक्सिंग ने पिछले साल बड़े पैमाने पर लोकप्रियता हासिल की थी, और इसी स्टाइल के आइटम नंबर्स को आजकल दर्शक तेज़ी से नोटिस कर लेते हैं। टिक टॉक और रील्स जेनरेशन में किसी भी समान बीट या हुक मूव पर तुरन्त तुलना और रीएक्शन का चलन है, इसलिए यह बहस सोशल प्लेटफ़ॉर्म्स पर पल-पल बदलती रही।

स्टार कास्ट और गाना का विज़ुअल एलिमेंट

गीत में अक्षय कुमार और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह पहली बार साथ दिख रहे हैं। गाने में अक्षय का देसी अवतार — धोती- कुर्ता में झलकता भोजपुरी रंग — और अक्षरा के पारंपरिक परिधान व डांस डायरेक्शन ने गाने को स्थानीय स्वाद और फुटकर मसाले से भरपूर प्रस्तुत किया है। फिल्म के निर्देशक अहमद खान ने गाने की कोरियोग्राफी और सेट-डिज़ाइन पर जोर दिया है ताकि यह सीन सिनेमायी और बड़े परदे के हिसाब से दिलचस्प लगे।

कानूनी विमर्श और संगीत उद्योग की परिपाटी

विशेषज्ञों का मानना है कि संगीत में प्रेरणा (inspiration) और होमेज की सीमाएँ अक्सर धुंधली रहती हैं। कॉपीराइट के मामले तब उठते हैं जब धुन, लिरिक्स या विशिष्ट साउंड डिज़ाइन की नकल इतनी करीबी हो कि वह मूल रचना की पहचान मिटा दे। फिलहाल “घिस घिस घिस” के विरोध में किसी आधिकारिक कानूनी नोटिस या शिकायत की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। संगीत उद्योग के वकील बताते हैं कि यदि कोई पक्ष महसूस करे कि उसके कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ है, तो वह सर्वप्रथम निर्माता और म्यूज़िक टीम से संवाद या नोटिस के माध्यम से मुद्दा उठाता है, उसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

सोशल मीडिया रिएक्शन और दर्शक दृश्य

ट्विटर, इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक पर दोनों गानों की तुलना करते हुए फैंस के दो तबके दिखे — एक जहां लोग “घिस घिस घिस” को नयी-नवेली लेकिन परिचित एनर्जी वाला बताते हुए पसंद कर रहे हैं; दूसरा जहां कुछ उपयोगकर्ता इसे “इम्प्रेसिवली समान” बताते हुए आलोचना कर रहे हैं। कुछ क्रिएटर्स ने दोनों गानों के शॉर्ट क्लिप्स मिलाकर तुलना वीडियो भी शेयर किए, जिससे बहस और तेज़ हुई।

फिल्म रिलीज़ और आगे की उम्मीदें

अहमद खान निर्देशित “वेलकम टू द जंगल” 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। निर्माताओं का मानना है कि गाना प्रचार अभियान का अहम हस्तोरे होगा और दर्शक बड़े परदे पर गाने का पूरा दृश्य देख कर अपनी राय बनाएंगे। यदि किसी तरह का कानूनी या औपचारिक विवाद उत्पन्न होता है तो यह अगले कुछ हफ्तों में स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल, संगीतकारों और निर्माताओं की तरफ़ से “घिस घिस घिस” को एक स्वतंत्र, देसी-भोजपुरी तड़के वाला बॉलीवुड आइटम नंबर के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

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