यमुना किनारे पांच लाख पौधे लगाएगा नोएडा लोकमंच, ‘ऑक्सीजन बैंक’ बनाने की बड़ी तैयारी

नोएडा। यमुना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने और दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘नोएडा लोकमंच’ ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। संगठन ने यमुना नदी के किनारों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत करीब पांच लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस विशाल अभियान का मुख्य उद्देश्य यमुना तटों को एक विशाल ‘ऑक्सीजन बैंक’ के रूप में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री को भेजा गया तीसरा पत्र, प्रशासन से सहयोग की अपील

इस दूरगामी परियोजना को धरातल पर उतारने और सरकारी सहयोग प्राप्त करने के लिए नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत प्रस्ताव और सुझाव पत्र भेजा है। इस अभियान को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा गया यह तीसरा पत्र है।

लोकमंच इस मुहिम में समाज और प्रशासन दोनों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है। यही वजह है कि इससे पहले क्षेत्र के सांसदों, विधायकों सहित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस अभियान से जुड़ने और सहयोग करने के लिए पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं।

सेक्टर-14A से ग्रेटर नोएडा तक दिखेगी हरियाली

अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए सेक्टर-15 स्थित नोएडा लोकमंच के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यमुना नदी के लगातार बदलते स्वरूप और पर्यावरण पर इसके बढ़ते दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि नदी के तटों को पूरी तरह हरित क्षेत्र (ग्रीन ज़ोन) में बदला जाए। योजना के मुताबिक, यह वृक्षारोपण अभियान नोएडा के सेक्टर-14ए से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा तक यमुना के पूरे तटीय क्षेत्र में चलाया जाएगा।

बैठक में ये गणमान्य सदस्य रहे मौजूद

यमुना संरक्षण की इस बड़ी मुहिम को व्यापक जनहित से जोड़ने के लिए लोकमंच के तमाम पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति तैयार करने के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे:

  • सी.बी. झा, दीपिका ठाकुर, डॉ. उमेश, इंदिरा चौधरी, महेश सक्सेना (महासचिव), मुक्ता गुप्ता, प्रदीप वोहरा, आर.एन. श्रीवास्तव, रामशरण गौड़, एस.के. जैन, संतोष ठाकुर, सुरेश अग्रवाल, विभा बंसल, विनोद शर्मा, रेनु छिब्बर

लोकमंच के पदाधिकारियों का मानना है कि यदि इस योजना को सही समय पर सरकारी हरी झंडी और संसाधन मिल जाते हैं, तो यह न केवल यमुना के तटीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को नया जीवन देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा के पर्यावरण को भी स्वच्छ और सुरक्षित बनाएगा।

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