फर्जी कंपनियों की आड़ में करोड़ों की साइबर ठगी , नोएडा पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को दबोचा

थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर ने एक संगठित अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी कंपनियाँ बनाकर उनके नाम पर करंट बैंक खाते खुलवाकर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर और लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अविनाश झा, हिमांशु कुमार और जितेन्द्र दहिया उर्फ़ आशू के रूप में हुई है।

घटना का खुलासा और कार्रवाई

पुलिस के अनुसार लोकल खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर डीसीपी साइबर क्राइम के निकट निर्देश पर एसएचओ साइबर थाने की टीम ने सोमवार को सेक्टर-44, नोएडा से तीनों अभियुक्तों को दबोचा। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, ₹2,800 नकद, एक मुहर तथा कई प्रकार के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों से दस्तावेज लेकर फर्जी कंपनियाँ बनाते और इन कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड एवं अन्य डिजिटल अपराधों से मिली रकम जमा कराकर उसे विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर कर वैध दिखाने का काम करते थे।

लेन-देन में करोड़ों का खुलासा

जांच के दौरान बरामद खातों और उनसे जुड़े लेन-देन के ऑडिट में संदिग्ध रूप से करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन उजागर हुए हैं। थाना साइबर क्राइम टीम अब इन खातों से जुड़ी विस्तृत बैंकिंग डाटा, ट्रांज़ैक्शन शृंखलाएँ तथा धन के स्रोतों और गंतव्य का कलस्टर विश्लेषण कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह केवल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क के विरुद्ध प्रारम्भिक सफलता है और आगे गिरोह के अन्य सरगठित सदस्यों और सहयोगियों की गिरफ़्तारी के प्रयास जारी हैं।

अंतरराज्यीय सक्रियता के संकेत

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब समेत कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें पहले से दर्ज हैं। इससे शक बढ़ा है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर लंबे समय से सक्रिय था और कई पीड़ितों को आर्थिक रूप से ठगा गया। पुलिस ने उन राज्यों की संबंधित इकाइयों के साथ कानूनी और तकनीकी समन्वय बढ़ा दिया है ताकि लंबित शिकायतों के मद्देनज़र और भी ठोस साक्ष्य जुटाए जा सकें।

गिरफ्तार आरोपियों का परिचय

अविनाश झा, पुत्र मिथलेश झा, निवासी स्वरूप विहार, दिल्ली, उम्र 29 वर्ष

 हिमांशु कुमार, पुत्र मदन प्रसाद यादव, निवासी स्वरूप विहार, दिल्ली, उम्र 26 वर्ष

जितेन्द्र दहिया उर्फ़ आशू, पुत्र विजय कुमार, निवासी नागलोई, दिल्ली, उम्र 27 वर्ष

पुलिस ने दर्ज किया मामला

थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में अभियुक्तों के विरुद्ध मु.अ.सं.055/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3), 61(2) बीएनएस एवं धारा 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। आज आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर अभिरक्षा हेतु प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने बताया कि अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई प्रचलित है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने कहा

“आज दिनांक 22 मई को डीसीपी साइबर क्राइम के निकट पर्यवेक्षण में एसएचओ साइबर थाने के द्वारा तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से पाँच मोबाइल फोन, अट्ठाईस सौ रुपए नकद, मुहर और कुछ अन्य डॉक्यूमेंट बरामद हुए हैं। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि ये अभियुक्त गण लोगों से डॉक्यूमेंट लेकर फर्जी कंपनियाँ बनाते थे और उसके आधार पर करंट अकाउंट खोलकर साइबर ठगी से प्राप्त पैसों को इन खातों में ट्रांसफर किया जाता था। आज तीनों को गिरफ्तारी के उपरान्त न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।”

पुलिस की सावधानी संबंधी अपील

साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति या संपर्ककर्ता के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या कंपनी पंजीकृत न कराएँ। किसी को अपने बैंक खाते का उपयोग न करने दें और ओटीपी, यूपीआई पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी किसी से साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएँ।

आगे की कार्यवाही

पुलिस ने बताया कि बरामद दस्तावेज़ों और मोबाइल फोन्स का फॉरेंसिक विश्लेषण चल रहा है। बैंकिंग लेन-देन की विस्तृत छानबीन के लिए संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से समन्वय किया जा रहा है। अधिकारी यह भी जाँच रहे हैं कि फर्जी कंपनियों के पंजीकरण कराने में किन-किन दलालों, एजेंटों या पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका रही है। गिरोह की सम्पूर्ण गतिविधियों और अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी सहायता भी मांगी जा सकती है।

नागरिकों से अनुरोध

पुलिस ने कहा कि यदि किसी के पास इस गिरोह से जुड़े किसी व्यक्ति, कंपनी या संदिग्ध खातों के बारे में जानकारी हो तो वह तत्काल थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर को सूचित करें। किसी भी डिजिटल लेन-देन में संदेह होने पर बैंक और पुलिस को जल्दी सूचित करके नुकसान रोका जा सकता है।

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