थाना फेस-2: श्रमिक आंदोलन में भड़काऊ पोस्ट फैलाने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किए कई बड़े खुलासे

सोशल मीडिया पर UP पुलिस अधिकारी का ‘ड्राइवर’ बताकर किया जा रहा था भ्रामक प्रचार, मोबाइल फोन बरामद

थाना फेस-2: गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-2 पुलिस ने श्रमिक आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और वीडियो वायरल कर माहौल बिगाड़ने के आरोप में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 20 मई 2026 को गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मदरसन कंपनी के पीछे स्थित हनुमान मंदिर के पास से आरोपी अनिल कुमार को दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो प्रसारित करने में इस्तेमाल किया गया था।

क्या है पूरा मामला 

नोएडा के फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का प्रदर्शन अप्रैल महीने में अचानक हिंसक हो गया था, जब अलग-अलग कंपनियों के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। विशेष रूप से मदरसन कंपनी के बाहर स्थिति बेकाबू हो गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, कई वाहनों में आग लगाई और यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। इस पूरे विवाद की जड़ रिचा ग्लोबल नाम की कंपनी को माना जा रहा है। रिचा ग्लोबल इस इलाके की एक बड़ी कंपनी है जिसमें अनुमानतः 30,000 से अधिक मज़दूर काम करते हैं। बताया जाता है कि 8 अप्रैल तक आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा था और मज़दूर प्रशासन के साथ सहयोग भी कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर फैला झूठ और प्रोपेगेंडा 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार को एक सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां से भड़काऊ सामग्री प्रसारित की जा रही थी। वायरल पोस्ट में “मोदी आ रहा है, बाईपास के उद्घाटन के लिए पूरा रोड जाम कर देना चाहिए” जैसे उकसावे भरे संदेश फैलाए जा रहे थे। इससे भी गंभीर बात यह रही कि सोशल मीडिया पर एक प्रोपेगेंडा वीडियो वायरल किया गया, जिसमें अनिल कुमार को यूपी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का ड्राइवर बताकर उसकी पहचान को भ्रामक तरीके से पेश किया गया। पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि अनिल न तो कोई सरकारी कर्मचारी है और न ही कभी किसी पुलिस अधिकारी का ड्राइवर रहा है वह दिल्ली में एक निजी व्यक्ति का प्राइवेट ड्राइवर है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर और भड़काऊ संदेश तेजी से फैलाने की साजिश के संकेत मिले हैं।

आरोपी का परिचय और आपराधिक इतिहास 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी ग्राम मुक्तेशरा, थाना बाबूगढ़ छावनी, जनपद हापुड़ के रूप में हुई है। वर्तमान में वह थाना फेस-2 क्षेत्र के नया गांव में किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी की उम्र 32 वर्ष है और वह पांचवीं तक शिक्षित है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2023 में हापुड़ नगर थाने में आयुध अधिनियम के तहत पहले भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।

मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा 

इस श्रमिक आंदोलन का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में वामपंथी विचारधारा रखना कोई अपराध नहीं है और “वे मजदूर हैं, आतंकवादी नहीं वे केवल बुनियादी वेतन की मांग कर रहे हैं।” कोर्ट ने पत्रकार सत्यम वर्मा की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर भी नोटिस जारी किया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हुई निवारक हिरासत को अवैध घोषित करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों और उनके नेताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया। इसके बाद से उनके परिजनों को उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी जांच के माध्यम से पुलिस को इस मामले में पहले भी महत्वपूर्ण सफलता मिल चुकी है और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल अनिल कुमार से पूछताछ की जा रही है और सोशल मीडिया नेटवर्क तथा अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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