लखनऊ/बांदा। उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है। 22 मई 2026 को उत्तर प्रदेश देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा, जहाँ प्रयागराज और बांदा का अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। कानपुर में 46°C, लखनऊ में 45°C और आगरा-अलीगढ़ में 44°C तक तापमान दर्ज किया गया। बुंदेलखंड और दक्षिणी जिले लू की तपिश और चिलचिलाती धूप की चपेट में रहे। 47.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा एक बार फिर देश का सबसे गर्म स्थान रहा।
बांदा — देश का ‘तंदूर’, दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल
बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला लगातार तीसरे दिन भारत में सर्वाधिक तापमान के साथ शीर्ष पर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पिछले दो दिनों में यहाँ 47.6 और 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बांदा लगातार तीसरे दिन न केवल एशिया, बल्कि दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में दर्ज हुआ। मंगलवार को 48.2°C के साथ इसने लीबिया और मिस्र जैसे गर्म देशों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। बांदा में जीवन सुबह 10 बजे के बाद ठहर जाता है। सड़कें सूनी, बाजार खाली और दुकानें बंद नजर आती हैं। कई दुकानदार सूर्योदय से पहले दुकान खोलते हैं और तेज धूप से पहले ही बंद कर लेते हैं।
गर्मी की वजह क्या? — पथरीली जमीन, खनन और घटते जंगल
बांदा में यह गर्मी का संकट केवल मौसमी नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन और स्थानीय पर्यावरणीय क्षति का संयुक्त परिणाम है। बुंदेलखंड क्षेत्र की चट्टानी और शुष्क भौगोलिक संरचना गर्मी को तेजी से सोख लेती है और धीरे-धीरे छोड़ती है। मई 2026 में यहाँ तापमान लगातार 43°C से 48°C के बीच दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही बांदा में मात्र 3% वन क्षेत्र बचा है और रेत खनन ने स्थिति को और विकट बना दिया है।IMD वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि राजस्थान से आती गर्म और शुष्क हवाएँ तथा बादलों की अनुपस्थिति मिलकर स्थिति को और बिगाड़ रही हैं।
IMD का रेड अलर्ट — 26 मई तक राहत नहीं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 मई से 26 मई 2026 तक उत्तर प्रदेश में भीषण लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश अभी मानसून-पूर्व गतिविधि की कमजोरी के कारण पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और पूर्वी यूपी में ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण केवल धूल भरी आँधियाँ ला रहा है, बारिश नहीं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक पूर्वी और दक्षिणी यूपी में भीषण लू चलने की संभावना है। IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने कहा, “दक्षिणी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से और अन्य क्षेत्रों में दिन में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। कुछ इलाकों में रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहेंगी, जिससे सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं मिलेगी।”
बिजली की माँग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में बिजली की माँग लगातार बढ़ रही है। मंगलवार रात बिजली की खपत 30,160 मेगावाट तक पहुँच गई। वर्ष 2024 में 19 मई को अधिकतम माँग 27,478 मेगावाट और 2025 में 28,858 मेगावाट थी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सभी बिजली कर्मियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में घंटों बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरों में भी बार-बार बिजली गुल होने से पेयजल संकट और कारोबार पर असर पड़ रहा है।
अस्पतालों में खास इंतजाम, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
लखनऊ के सिविल अस्पताल ने हीट स्ट्रेस के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए एक विशेष कोल्ड रूम और हीट स्ट्रेस वार्ड स्थापित किया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने बताया, “हमने 10 बेड का वार्ड बनाया है और तीन कमरों वाला एक कोल्ड रूम क्षेत्र तैयार किया है जहाँ AC लगातार चल रहा है। ORS और आइस पैक का पर्याप्त भंडार रखा गया है।” भीषण गर्मी का असर जानवरों और पक्षियों पर भी पड़ रहा है, रोजमर्रा की जिंदगी बाधित है और हीटस्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी का निर्देश — प्रशासन अलर्ट मोड पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में एम्बुलेंस सेवाएँ चालू रखने और संवेदनशील जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के भी आदेश दिए हैं।
क्या करें, क्या न करें — विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सीधी धूप से दूर रहने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
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