दृश्यम 3 रिव्यू: मलयालम सिनेमा की सबसे चर्चित फ्रैंचाइजी दृश्यम की तीसरी किस्त आज थिएटर्स में रिलीज हो गई। मोहनलाल के जन्मदिन पर रिलीज हुई इस फिल्म में निर्देशक जीथू जोसेफ एक बार फिर जॉर्जकुट्टी के परिवार की कहानी को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन इस बार कहानी की चतुराई की जगह नाटकीयता और भावनात्मक वजन हावी हो गया है। मीडिया की समीक्षा के अनुसार, फिल्म में कुछ मजबूत आइडिया हैं जो इसे शानदार थ्रिलर बना सकते थे, लेकिन लेखन की कमी के कारण यह औसत स्तर पर सिमट गई।
फिल्म की कहानी दृश्यम 2 की घटनाओं के साढ़े चार साल बाद सेट है। जॉर्जकुट्टी (मोहनलाल) अब अपनी पहली फिल्म रिलीज कर सफलता के दौर में हैं, लेकिन परिवार का पुराना गुनाह (वरुण प्रभाकर की हत्या और लाश छिपाने का राज) फिर से सिर उठा रहा है। इस बार पुलिस या गीता प्रभाकर (आशा शरथ) नहीं, बल्कि एक पत्रकार डॉक्यूमेंट्री बनाने के जरिए केस को फिर से खोलने की कोशिश कर रहा है। क्या जॉर्जकुट्टी तीसरी बार पुलिस को चकमा दे पाएगा? यह सवाल फिल्म का मुख्य आधार है।
पहले दो भागों से अलग अंदाज
दृश्यम (2013) और दृश्यम 2 (2021) को उनकी clever twists, slow-burn suspense और emotional connect के लिए सराहा गया था। लेकिन दृश्यम 3 (रनटाइम: 2 घंटे 39 मिनट) इन गुणों से काफी हद तक दूर नजर आती है। समीक्षक जनानी के. के मुताबिक, फिल्म का पहला आधा हिस्सा लगभग stagnant रहा, इंटरवल के ठीक पहले गति पकड़ती है, लेकिन फिर ड्रामा पर लौट आती है। क्लाइमेक्स से महज 20 मिनट पहले कहानी अपनी रफ्तार पाती है। फिल्म सब-प्लॉट्स में दिलचस्प आइडिया लाती है जैसे प्रभावित लोगों द्वारा जॉर्जकुट्टी के खिलाफ साजिश लेकिन इन्हें पूरी तरह विकसित नहीं किया गया। ट्विस्ट्स अब predictable लगते हैं क्योंकि दर्शक पहले ही फ्रैंचाइजी के टेम्प्लेट को जान चुके हैं। निर्देशक ने खुद पहले ही कहा था कि यह पहले जैसी थ्रिलर नहीं, बल्कि फैमिली एंटरटेनर ज्यादा है, जो फिल्म में साफ दिखता भी है।
परफॉर्मेंस का मजबूत पक्ष
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मोहनलाल का परफॉर्मेंस है। 66 वर्षीय सुपरस्टार जॉर्जकुट्टी के रोल में एक बार फिर कमाल कर देते हैं। स्क्रिप्ट की कमियों के बावजूद उनकी मौजूदगी दर्शकों को 2.5 घंटे तक बांधे रखती है। मीना (रानी), अंसिबा हसन और एस्थर अनिल (बेटियां) को ज्यादातर सहयोगी रोल मिले हैं, हालांकि एस्थर के कुछ डायलॉग्स हल्का-फुल्का कमिक रिलीफ देते हैं। आशा शरथ और सिद्दीक मजबूत वापसी करते हैं। मुरली गोपी और कालाभवन शाजॉन के एक्सटेंडेड रोल्स भी फिल्म को रोचक बनाते हैं। सतीश कुरुप की सिनेमैटोग्राफी केरल की खूबसूरत लोकेशन्स को बखूबी कैद करती है, जबकि अनिल जॉनसन का म्यूजिक मूड के अनुकूल है।
मिश्रित रिएक्शन्स और बॉक्स ऑफिस
रिलीज के दिन पब्लिक रिएक्शन्स मिश्रित आए हैं। कई दर्शक मोहनलाल की एक्टिंग, भावनात्मक गहराई और सेकंड हाफ की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे पहले भागों जितना gripping नहीं मान रहे। IMDb और शुरुआती रिव्यूज में फिल्म को औसत से ऊपर लेकिन फ्रैंचाइजी के स्टैंडर्ड से नीचे बताया जा रहा है। फिल्म को worldwide रिलीज मिली है। एडवांस बुकिंग्स ने रिकॉर्ड तोड़े थे, खासकर केरल और ओवरसीज में। मलयालम सिनेमा के लिए 2026 का सबसे बड़ा बॉक्स ऑफिस टेस्ट माना जा रहा है। दृश्यम 3 फ्रैंचाइजी की लोकप्रियता पर सवार होकर दर्शकों को कुछ हद तक मनोरंजन देती है, लेकिन वह clever thriller वाली पहचान खो चुकी है। यह जॉर्जकुट्टी के अतीत से भागने की कहानी है, जिसका जवाब दर्शक पहले से जानते हैं। मोहनलाल के फैंस के लिए वॉचेबल, लेकिन उम्मीद रखने वालों को निराशा भी हो सकती है। क्या यह फ्रैंचाइजी का अंत है या दृश्यम 4 की नींव? फिल्म अंत में कुछ दरवाजे खुला छोड़ती है। फिल्म देखने के बाद अपना अनुभव कमेंट में जरूर शेयर करें।

