लाखों का सामान राख, जनहानि नहीं; प्रशासन की सुस्ती पर फिर उठे सवाल
नोएडा फेज-2 थाना: हिंडन के डूब क्षेत्र में कबाड़ गोदाम धू-धूकर जला, 6 दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबूगर्मी के बढ़ते तेवरों के बीच नोएडा के फेज-2 थाना क्षेत्र से गुरुवार को एक भयावह घटना सामने आई। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया, जो दूर-दूर तक नजर आने लगा। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। नोएडा फेज-2 थाना क्षेत्र के डूब इलाके में स्थित इस कबाड़ गोदाम में आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। मौके पर दमकल की 6 गाड़ियां तैनात की गईं, जिन्होंने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने न केवल आग बुझाई, बल्कि रेस्क्यू और कूलिंग ऑपरेशन चलाकर आग को आसपास के इलाकों में फैलने से भी रोका।
गोदाम में भरा था प्लास्टिक कबाड़, इसलिए इतनी तेज फैली आग
गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कबाड़ रखा हुआ था, इसी कारण आग लगने के बाद काला धुआं तेजी से फैलने लगा। विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक में मौजूद ज्वलनशील तत्व आग को तेजी से फैलाते हैं। गोदाम में रखा भारी मात्रा में कबाड़ व अन्य सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।mफिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, भीषण गर्मी और ज्वलनशील कबाड़ सामग्री की अधिकता को प्रारंभिक तौर पर आग की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
45 डिग्री पार तापमान बन रहा आग का ईंधन
गौरतलब है कि इन दिनों नोएडा में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को नोएडा का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहा। आने वाले दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में कबाड़ गोदामों जैसे ज्वलनशील सामग्री वाले स्थानों पर आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
डूब क्षेत्र में अवैध कबाड़ गोदाम बने चिंता का सबब
यह घटना कोई अकेली नहीं है। शहर में तेजी से कबाड़ गोदाम बन रहे हैं और इनमें आग लगने की घटनाएं चिंता का कारण बनी हुई हैं। इन कबाड़ गोदामों के आसपास झुग्गियां भी बन जाती हैं, जिनसे आग लगने पर जनहानि का भी खतरा बना रहता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण अब कबाड़ कारोबारियों को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है। शहर में कबाड़ कारोबार को नियोजित बनाने और कबाड़ गोदामों को आबादी के बीच से हटाने के लिए नोएडा प्राधिकरण कबाड़ियों का पंजीकरण करवाएगा। पहले चरण में कबाड़ियों का सर्वे होगा, जिसके लिए समिति बनेगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर बनी झुग्गियों को भी हटवाया जाएगा।
सवालों के घेरे में प्रशासन
इस घटना ने एक बार फिर डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और कबाड़ गोदामों पर नकेल न कस पाने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। जानकार बताते हैं कि डूब क्षेत्र में इस तरह के गोदाम पूरी तरह से अवैध हैं, बावजूद इसके इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अग्निशमन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र होते हैं, न ही आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था। नतीजतन, छोटी-सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुट गई है। आग लगने के असली कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

