राघव ग्लोबल स्कूल में महिला स्वास्थ्य व मासिक धर्म स्वच्छता पर दो दिवसीय जागरूकता सत्र सम्पन्न

सेक्टर 122 स्थित राघव ग्लोबल स्कूल में बुधवार को फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन की पहल में महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर दो दिवसीय विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. प्रियंका घोष के सहयोग से आयोजित इस सत्र का उद्देश्य स्कूलों तथा कार्यस्थलों में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया।

सत्र का संचालन ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट व प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी व फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुष्मिता भाटी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपिस्ट, अर्गोनॉमिस्ट एवं फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने विशेषज्ञों के रूप में भाग लिया और छात्राओं को महिला स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता व मासिक धर्म से जुड़ी सामान्य भ्रांतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने सैशन के दौरान मासिक धर्म के सामान्य विज्ञान, सुरक्षित स्वच्छता प्रथाएँ, पोषण संबंधी सुझाव एवं मासिक धर्म के दौरान किए जाने योग्य और गुज़रने वाले दर्द व असुविधा को कम करने वाले सरल व्यायाम और स्ट्रेचिंग तकनीकें भी प्रदर्शित कीं। छात्राओं को प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से सही पैड उपयोग, पैड बदलने की आवृत्ति तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के उपाय बताए गए। अर्गोनॉमिस्ट ने कार्यस्थल व कक्षा में बैठने-खड़े होने की Ergonomics और पीठ तथा पेट के दर्द से बचने के सरल उपायों पर भी प्रकाश डाला। स्कूल के प्रतिनिधियों ने बताया कि सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खुलकर अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर दिया। कार्यक्रम में किशोरियों में पाई जाने वाली भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया ताकि सामाजिक रुष्टि और शर्मिंदगी कम हो और स्वास्थ्य संबंधी उचित निर्णय लिए जा सकें।

फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर सशक्त बनाने के लिए इस प्रकार के सत्र स्कूलों और कार्यस्थलों पर नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए। डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव व डॉ. सुष्मिता भाटी ने भी कहा कि सही जानकारी व सरल व्यायाम से न केवल मासिक धर्म संबंधी असुविधाएँ कम होंगी बल्कि लड़कियों की पढ़ाई व रोज़मर्रा की गतिविधियाँ भी प्रभावित नहीं होंगी। राघव ग्लोबल स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. प्रियंका घोष ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के साथ-साथ परिवारों और समुदायों तक सकारात्मक संदेश पहुँचाने में भी सहायक होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्कूल भविष्य में भी ऐसी पहल में सहयोग जारी रखेगा। विशेषज्ञों और विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन के समापन पर अनुरोध किया कि राज्य स्तर और स्थानीय प्रशासन, विद्यालय प्रबंधन समितियाँ तथा स्वास्थ्य संगठन मिलकर किशोरियों और महिलाओं के लिए नियमित शिक्षा एवं स्वच्छता कार्यक्रम सुनिश्चित करें, ताकि दीर्घकालिक रूप से स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के लक्ष्य हासिल किए जा सकें।

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