आसमान से बरस रही आग: यूपी में लू का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दुनिया का सबसे गर्म शहर बना बांदा

लखनऊ/बांदा: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। समूचा राज्य इस समय भीषण तपिश और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 60 से अधिक जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

इस बीच, बुंदेलखंड इलाके का बांदा जिला इस समय न केवल एशिया, बल्कि लगातार तीसरे दिन दुनिया का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। मंगलवार को बांदा का अधिकतम तापमान 48.2°C पहुंच गया, जिसने वैश्विक स्तर पर लीबिया और मिस्र जैसे गर्म देशों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बांदा की पथरीली जमीन और शुष्क पछुआ हवाएं इस भयंकर तपिश का मुख्य कारण हैं।

पिछले 15 वर्षों में गर्मी का ट्रेंड: कब-कब तपा उत्तर प्रदेश?

विभिन्न मौसम एजेंसियों (IMD, स्काईमेट और AQI) और ऐतिहासिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले 15 वर्षों (2011 से 2026) में उत्तर प्रदेश, विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी के पैटर्न में अप्रत्याशित बदलाव आया है। अब गर्मी न केवल लंबी खिंच रही है, बल्कि तापमान के चरम स्तर (Extreme Peaks) बार-बार सामने आ रहे हैं।

वर्ष बांदा/यूपी का अधिकतम तापमान मुख्य घटनाएं व रिकॉर्ड
2026 (वर्तमान) 48.2°C बांदा इतिहास में तीसरी बार इतना तपा। मई महीने में लगातार तीन दिनों तक दुनिया का सबसे गर्म शहर बना रहा।
2022 49.0°C पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड। बांदा में पारा 49 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जिसने पूरे उत्तर भारत को हिला कर रख दिया था।
2019 48.1°C मई-जून के महीने में भीषण हीटवेव चली थी। पूरा बुंदेलखंड सूखे और पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा था।
2015 47.2°C इस साल अल-नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण मानसून में देरी हुई और जून के मध्य तक भयानक लू का प्रकोप रहा।
2012 46.8°C जून के शुरुआती हफ्तों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई थी, जिससे बिजली और पानी का संकट गहरा गया था।

मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण: मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 15 सालों के डेटा को देखें तो पहले 45°C या 46°C का तापमान मई के आखिरी हफ्ते या जून में यदा-कदा ही देखने को मिलता था। लेकिन अब अप्रैल के अंत और मई के शुरुआती पखवाड़े में ही पारा 47°C से 48°C को पार करने लगा है। ग्लोबल वार्मिंग और कंक्रीट के बढ़ते जाल (अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट) ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इन जिलों में है ‘ऑरेंज अलर्ट’ की मार

मौसम विभाग ने अगले 5 से 6 दिनों तक तापमान में किसी भी तरह की गिरावट से साफ इनकार किया है। उत्तर प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों में तीव्र लू (Severe Heatwave) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • बुंदेलखंड और मध्य यूपी: बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झांसी, जालौन, ललितपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, और फतेहपुर।
  • पूर्वी और पश्चिमी यूपी: प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, इटावा, फिरोजाबाद, कौशंबी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया।

इन क्षेत्रों में दिन के समय 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म और शुष्क हवाएं (लू) चल रही हैं, जिससे रात के समय भी तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक बना हुआ है।

राहत की उम्मीद कब?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल कोई भी सक्रिय वेदर सिस्टम (जैसे पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) नहीं बन रहा है, जिसके कारण आसमान पूरी तरह साफ है और सीधी धूप धरती को तंदूर की तरह तपा रही है।

राहत की बात बस इतनी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और इसके 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री जून के दूसरे सप्ताह तक होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही इस जानलेवा गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। तब तक प्रशासन ने लोगों को ओआरएस (ORS), नींबू पानी का सेवन करने और बहुत जरूरी होने पर ही धूप में निकलने की सख्त हिदायत दी है।

 

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