न्यू अशोक नगर: पुलिस स्टेशन के मालखाने में लगी आग, दमकल विभाग ने कंट्रोल कर शुरू की जांच

न्यू अशोक नगर:  न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन के मालखाने में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई और आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया। दमकल विभाग की आधिकारिक टीमों ने कई दमकल वाहनों के साथ आग पर काबू पाने के लिए लामबंद होकर तेज़ी से कार्रवाई की।

मौके पर मौजूद जवानों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि शुरुआत में मालखाने के अंदर रखे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सामग्री को नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से आग को पूरी तरह फैलने से रोका जा सका और थाना परिसर के अन्य हिस्सों को बड़ा नुकसान होने से बचाया गया। दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।घटना के दौरान कोई मानव हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस ने प्राथमिक तौर पर कहा कि मालखाने में कोई संवेदनशील उपकरण या गोला-बारूद नहीं रखा गया था, परन्तु आग लगने से हुई संपत्ति की क्षति का आंकलन किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रभावित मालखाना अस्थायी दस्तावेज़ और थाने की रोज़मर्रा की उपयोग की वस्तुओं के भंडारण के लिए प्रयोग किया जाता था।

जांच शुरू, कारणों का अभी पता नहीं  

पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से प्रारंभिक जांच शुरु कर दी है। फॉरेंसिक टीम और इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञों को बुलाया गया है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में दो संभावित कारणों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है: वायरिंग में शॉर्ट सर्किट और मालखाने में राख-आगो के अवशेषों या ताम-झाम के कारण नक़ली निकासी। थाना प्रशासन ने इलाके के लोगों और स्टाफ के बयान रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है।

स्थानीय निवासियों और थाने के कर्मचारियों ने बताया कि घटना के समय मालखाने के पास किसी प्रकार की असामान्य गतिविधि दिखाई नहीं दी। कुछ लोगों ने कहा कि पुराने बिजली के तारों में ओवरलोडिंग की समस्या रही है, जिसे लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। पुलिस ने कहा कि पड़ताल पूरी होने तक किसी पर आरोप लगाने से पहले सबूत और विशेषज्ञ रिपोर्टों की प्रतीक्षा की जाएगी। थानाध्यक्ष ने कहा, “हम आग लगने के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो थाने के मालखाने के संचालन और रख-रखाव के नियमों में संशोधन किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि घटना में कोई भी संवेदनशील दस्तावेज़ या साक्ष्य खोने की सूचना मिलने पर उसकी प्रतियों और बैकअप की जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आग पर तुरंत कार्रवाई के कारण बड़ा संकट टला  

दमकल अधिकारी ने बताया कि कॉल मिलने पर तुरंत तीन दमकल गाड़ियाँ और एक पानी की मोठी टंकी भेजी गईं। गाड़ियों ने मिलकर आग पर काबू पाया और थाने के बाकी हिस्सों को सुरक्षित कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि दहकता हुआ हिस्सा मुख्यतः पुराने फर्नीचर, कागज़ात और कुछ बैटरियों तक सीमित रहा। उन्होंने आग बुझाने के लिए इस्तेमाल की गई तकनीक और समयरेखा भी साझा की: आग पर नियंत्रण पाने में लगभग 45 मिनट लगे और ठोस निगरानी के बाद पूरी तरह आश्वस्त होना पड़ा कि पुनः आग भड़कने का कोई ख़तरा नहीं है।

आगे की कार्रवाई  

पुलिस ने घटनास्थल सील कर फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक मालखाने में हस्तक्षेप पर रोक लगा दी है। जो दस्तावेज़ जले हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका पुनर्प्राप्ति प्रयास और डिजिटल बैकअप की जांच की जाएगी। साथ ही बीते कुछ महीनों में थाने के रख-रखाव रिकॉर्ड और बिजली वायरिंग के रख-रखाव के दस्तावेज़ों का भी ऑडिट किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए थाने ने कहा है कि जांच के प्रमुख निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर थाने के संचालन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित रख-रखाव और बेहतर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

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