दिल्ली मेट्रो की व्यस्तता और सफाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट में एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर पेशाब करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में महिलाओं के सामने हुई इस घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया, जबकि दिल्ली पुलिस ने इसे मेडिकल इमरजेंसी बताते हुए बुजुर्ग की मजबूरी को रेखांकित किया है। DMRC ने भी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है।
घटना 15 मई की रात करीब 9:40 बजे की है। बुजुर्ग व्यक्ति जामिया मेट्रो स्टेशन से फरीदाबाद की ओर यात्रा कर रहे थे। कालकाजी मंदिर स्टेशन पर इंटरचेंज के दौरान उन्हें अचानक मेडिकल इमरजेंसी महसूस हुई। पुलिस के अनुसार, उन्होंने आसपास शौचालय ढूंढने की कोशिश की, लेकिन समय पर सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर उन्होंने लिफ्ट के अंदर बोतल में पेशाब कर लिया। वीडियो entrepreneur दीपशिखा मेहता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो में दिख रहा है कि लिफ्ट में बुजुर्ग के अलावा दो अन्य यात्री और महिलाएं मौजूद थीं। महिला ने कैमरा ऑन कर बुजुर्ग से सवाल पूछे, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सार्वजनिक स्थान पर इस हरकत को बेहद गलत ठहराया और सख्त कार्रवाई की मांग की, जबकि कई ने बुजुर्ग की उम्र और स्वास्थ्य समस्या को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
पुलिस और DMRC की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस (मेट्रो यूनिट) ने जांच में CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरा मामला स्पष्ट किया। पुलिस ने बताया कि यह कोई जानबूझकर की गई हरकत नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी मजबूरी थी। लिफ्ट में मौजूद यात्रियों की शिकायत पर CISF और DMRC स्टाफ को सूचित किया गया। DMRC ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 59 के तहत बुजुर्ग पर पब्लिक न्यूसेंस फैलाने का आरोप लगाते हुए जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि ₹500 तक बताई जा रही है। DMRC ने यात्रियों से अपील भी की है कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें ताकि सफाई और अनुशासन बनाए रखा जा सके।
मेट्रो में शौचालय सुविधा पर सवाल
यह घटना दिल्ली मेट्रो में शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता और जागरूकता पर सवाल उठाती है। मेट्रो ट्रेनों के अंदर शौचालय नहीं होते, जबकि स्टेशनों पर पे एंड यूज टॉयलेट उपलब्ध हैं। ऐसे में बुजुर्गों, बीमार यात्रियों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए इंटरचेंज के दौरान दिक्कत हो सकती है। सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक तरफ नागरिकता और सफाई का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ मानवीय संवेदना। कई कमेंट्स में कहा गया कि मेट्रो प्रशासन को बुजुर्गों, दिव्यांगों और मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। DMRC का कहना है कि मेट्रो नेटवर्क रोज लाखों यात्रियों को सेवा देता है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सहयोग करें और सफाई बनाए रखें। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सार्वजनिक स्थानों पर नागरिक जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रशासन को भी संवेदनशील मुद्दों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। पुलिस और DMRC की जांच जारी है|

