जालंधर BSF ब्लास्ट: अश्लील वीडियो के जाल में फंसाकर बनाए आतंकी, पाक हैंडलर शहजाद भट्टी का ‘डिजिटल ट्रैप’ बेनकाब

जालंधर BSF ब्लास्ट: पंजाब के जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर हेडक्वार्टर के बाहर 5 मई को हुए आईईडी विस्फोट की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी है, जो पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चिंताजनक है, वह यह है कि भट्टी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने भारतीय युवाओं को फंसाने के लिए इंटरनेट पर अश्लील वीडियो वेबसाइटों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया।

ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर दहलाने की साजिश

जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर 5 मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ था। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि करीब 40 मीटर तक आग की लपटें उठीं। मौके पर घना धुआं फैल गया और आसपास के पेड़ भी झुलस गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं।

अश्लील वीडियो साइट बनी आतंक की ‘नर्सरी’

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। शहजाद भट्टी के गुर्गे इंटरनेट पर अश्लील वीडियो देखने वाले युवाओं पर नजर रखते थे और उन्हें फंसाकर आतंकी नेटवर्क में शामिल करते थे। इस मामले का मुख्य आरोपी उमरदीन उर्फ मिट्टू, पुत्र कादर खान, निवासी गांव दौलत सिंह वाला, मोहाली जिले के जीरकपुर के भाबात इलाके का रहने वाला है। वह भी अश्लील वीडियो देखने का शौकीन था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी कमजोरी को भुनाते हुए भट्टी के गुर्गों ने उसे अपने जाल में फंसाया।

10 लाख का लालच और 20 हजार की एडवांस — ऐसे बना ‘मोहरा’

पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने उमरदीन को 10 लाख रुपये देने का लालच दिया। उसे व्हाट्सएप पर एक सुनसान जगह पर पड़े काले लिफाफे की फोटो और लोकेशन भेजी गई। 20 हजार रुपये एडवांस भेजकर उसे तरनतारन से वह लिफाफा लाने को कहा गया। उसे बताया गया कि इसी लिफाफे से 5 मई की रात 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रखे लाल-नीले डस्टबिन में वह लिफाफा रखना है। उमरदीन ने जीरकपुर से सेल्फ-ड्राइव पर एक कार ली और रात करीब 8 बजे मार्कफेड कार्यालय के बाहर कार खड़ी करके वह काला लिफाफा सीधे बीएसएफ गेट के डस्टबिन में रख दिया।

रेकी के लिए भी अश्लील वीडियो का जाल

एक अन्य आरोपी अनिल शर्मा उर्फ मोट्टा, मूल रूप से मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के गांव इटावा का रहने वाला है, जो पांच साल पहले अमृतसर आ गया था और मजदूरी व किराये पर ऑटो चलाता था। उसका संपर्क भी भट्टी से इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखने के दौरान हुआ। भट्टी ने उसे 10 लाख रुपये का लालच देकर बीएसएफ हेडक्वार्टर की लाइव वीडियो कॉल के जरिये रेकी कराई — यद्यपि अनिल को इस बात का अहसास नहीं था कि वह किसी आतंकी साजिश का हिस्सा बन रहा है।

17 युवक हिरासत में, 6 जिलों में छापेमारी

पंजाब में इस मामले को लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में छापेमारी और जांच करती रहीं। अब तक कुल 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ जा चुकी है। इनमें से अधिकतर युवक सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

ISI-खालिस्तानी नेटवर्क का कनेक्शन

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) का हाथ है। यह एक सुनियोजित हमला है, जिसे पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा समर्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूह ने अंजाम दिया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और पूरे मॉड्यूल के विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

NIA कर रही है जांच, पंजाब में हाई अलर्ट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें जालंधर में धमाके वाली जगह पर पहुंच गई हैं और जांच में पंजाब पुलिस की मदद कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

यह मामला एक बड़ा सबक है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां और आतंकी संगठन अब परंपरागत तरीकों के बजाय डिजिटल माध्यमों, खासकर अश्लील वेबसाइटों और सोशल मीडिया, को ‘रिक्रूटमेंट टूल’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आर्थिक कमजोरी और गलत इंटरनेट आदतें मिलकर युवाओं को आतंकी साजिश का ‘मोहरा’ बना देती हैं।​​​​​​​​​​​​​​​​

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