8 साल का प्रेम, 1.20 करोड़ की लूट, और बेटी निकली मास्टरमाइंड पुलिस ने 72 घंटे में किया पर्दाफाश, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। थाना नागफनी क्षेत्र के अकबर कंपाउंड में रहने वाले पीतल कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इमरान के घर हुई 1.20 करोड़ रुपये की डकैती का मास्टरमाइंड कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि घर की 21 वर्षीया बेटी अरीबा खुद थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि कारोबारी की 21 साल की बेटी अरीबा थी। उसने अपने प्रेमी अरशद के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और डिजिटल लॉक खोलकर बदमाशों को घर के अंदर एंट्री दिलाई।
11 मई की काली रात — बंधक बना परिवार, उठ गए करोड़ों
यह वारदात 11 मई की सुबह थाना नागफनी क्षेत्र के अकबर कंपाउंड में रहने वाले पीतल कारोबारी मोहम्मद इमरान के घर हुई। सोमवार तड़के अकबर कंपाउंड स्थित कारोबारी इमरान के घर बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी मुनिराज जी और एसएसपी सतपाल अंतिल ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने बेटी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 47 लाख रुपये नकद, तमंचे और वारदात में इस्तेमाल दो कारें बरामद की हैं। मामले में शामिल करीब छह बदमाश अभी फरार हैं।
2018 से शुरू हुई दोस्ती — प्यार बना साजिश का बीज
पुलिस पूछताछ में आरोपी अरशद और अरीबा ने बताया कि 2018 में दोनों के बीच दोस्ती हुई थी। उस वक्त अरशद दिल्ली रोड स्थित आईएफटीएम विश्वविद्यालय से बीफार्मा कर रहा था। वहां अरीबा की एक रिश्ते की बहन भी पढ़ रही थी। बहन ने ही अरीबा और अरशद के बीच दोस्ती कराई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन, फेसबुक और व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम के जरिये बातचीत शुरू हो गई। अरीबा अरशद से शादी करना चाहती थी, लेकिन अरशद उसके नाबालिग होने की बात कहकर टाल देता था। दो साल पहले अरीबा बालिग हो गई थी। इसके बाद अरीबा ने उस पर शादी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अब अरशद नया गेम खेलने लगा था। उसने अपनी बिरादरी अलग होने के साथ ही बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और उसका परिवार शादी के लिए तैयार नहीं होगा।
नोटों की तस्वीरें व्हाट्सएप पर, 6 महीने तक दी घर की हर जानकारी
करीब छह महीने से अरीबा घर में आने वाली रकम और पैसों की जानकारी अरशद को दे रही थी। उसने ही बताया था कि रविवार को घर में करोड़ों रुपये रखे जाएंगे। पुलिस के अनुसार अरीबा ने घर में रखी नकदी की तस्वीरें भी अरशद को भेजी थीं। इससे पहले भी वह धीरे-धीरे अरशद को लाखों रुपये दे चुकी थी। परिवार को बेहोश कर प्रेमी को घर बुलाती थी अरीबा, पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। अरीबा अपने परिवार को चाय और खाने में नशे की गोलियां मिला देती थी, जिससे परिवार के लोग गहरी नींद में सो जाते थे। इसके बाद वह डिजिटल लॉक खोलकर प्रेमी अरशद को अंदर बुला लेती थी। अरीबा बाजार जाने के बहाने बाहर निकलती थी और बाजार में ही अरशद अरीबा को गोलियां दे देता था। अरीबा अपने परिवार को एक-दो दिन नहीं, बल्कि कई साल से धोखा दे रही थी। पहले भागकर शादी का प्लान, फिर परिवार को बेहोश कर भागने की कोशिश| पुलिस के अनुसार, डकैती से पहले अरीबा ने एक रात परिवार को नशे की गोलियाँ चाय में मिलाकर पिला दीं और जेवर-नकदी बैग में भरकर भागने की तैयारी कर ली। लेकिन अंतिम समय पर उसने अपना इरादा बदल दिया उसे डर था कि उसके गायब होने पर परिवार पुलिस के पास पहुँच जाएगा और उसका भेद खुल जाएगा। इसके बाद उसने घर में डकैती डलवाने की साजिश रची।
एक महीने पहले दे दी थी घर की चाबी, वारदात की रात खोला डिजिटल लॉक
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से करीब एक महीने पहले अरीबा ने अपने प्रेमी अरशद को घर की चाबियां तक दे दी थीं। इतना ही नहीं, घटना वाली रात उसने मेन गेट खोलने का भी भरोसा दिया था। इसी भरोसे पर अरशद ने अपने साथियों को योजना में शामिल किया। पुलिस के मुताबिक रविवार देर रात अरीबा ने रिमोट से घर का डिजिटल लॉक खोला और बदमाशों को अंदर बुलाया। इसके बाद घर में करोड़ों रुपये की डकैती को अंजाम दिया गया।
कैसे बना 10 सदस्यीय गिरोह?
अरशद ने अपने कॉलेज दोस्त कुलदीप से संपर्क किया। कुलदीप ने अपने ममेरे भाई रवि को साथ जोड़ा और फिर रवि ने निक्की नाम के युवक से बात कराई। धीरे-धीरे करीब 10 लोगों का गैंग तैयार किया गया और डकैती की योजना बना ली गई।
वारदात के बाद भी जारी रहा संपर्क, पुलिस की हर गतिविधि की देती रही सूचना
डकैती के बाद भी अरीबा की हरकतें रुकी नहीं। वह पुलिस की जांच-पड़ताल, सीसीटीवी फुटेज की जांच और परिवार से हो रही पूछताछ की पल-पल की खबर अरशद को व्हाट्सएप पर भेजती रही। पुलिस को कॉल डिटेल खंगालने पर यह तथ्य सामने आया।
टोल पर नोटों का बँटवारा, फिर हरिद्वार फरार
पुलिस ने कार मालिक कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद बदमाश पाकबड़ा पहुँचे और वहाँ से दिल्ली रोड पर जोया के टोल से पहले रुककर नोटों का बँटवारा किया। इसके बाद सभी अमरोहा होते हुए हरिद्वार की ओर फरार हो गए।
पाँच गिरफ्तार, छह अभी फरार — पुलिस की दबिश जारी
पुलिस ने इस वारदात में शामिल अरशद वारसी (27 वर्ष), कुलदीप (26 वर्ष), रवि कुमार (26 वर्ष), निक्की (21 वर्ष) और अरीबा (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। सभी को जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों के कब्जे से 47.24 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एसएसपी ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मुरादाबाद पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और किसी भी बड़ी वारदात में शामिल अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला इस बात की कड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर पनपने वाले संबंध और घर की आंतरिक जानकारी का दुरुपयोग किस हद तक खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए है।

